30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ramganga Moradabad: मुरादाबाद में तेज बारिश के बाद रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट, हेल्पलाइन नंबर जारी

Ramganga River Moradabad: यूपी के मुरादाबाद मंडल में तेज बारिश जारी है। इसके अलावा खो बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

2 min read
Google source verification
Water level of Ramganga river rises after heavy rain in Moradabad

Ramganga River Moradabad News

Ramganga River Moradabad News: मुरादाबाद में पिछले दो दिनों में हुई बारिश और बुधवार खो बैराज से छोड़े गए 13786 क्यूसेक पानी के बाद यहां रामगंगा का जल स्तर बढ़ने लगा है। बीते 24 घंटे में रामगंगा का जलस्तर 67 सेमी. बढ़ जाने के बाद बाढ़ खंड और दैवी आपदा विभाग अलर्ट हो गया है।

बाढ़ खंड के अधिकारियों ने हालांकि इससे कहीं भी बाढ़ की आशंका नहीं जताई है, लेकिन इसके बाद भी एहतियात के तौर पर कंट्रोलरूम की स्थापना के साथ प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। बाढ़ खंड के अधिकारियों के मुताबिक बुधवार सुबह 8 बजे रामगंगा का जल स्तर 188.31 मीटर था।

जो गुरुवार सुबह बढ़कर 188.98 मीटर हो गया। इस तरह बीते 24 घंटे में ही रामगंगा के जलस्तर में करीब 67 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो गई। लगभग हर साल नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं।

लिहाजा नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ खंड और जिला प्रशासन इसे लेकर अलर्ट हो गया है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि डीएम के निर्देश पर नदी के संभावित कटान को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सभी तैयारी पूरी कर ली है।

यह भी पढ़ें:रामपुर में एक घर से निकले 4 जनाजे, नहीं जले घरों में चूल्हें, 30 सेकेंड में खत्म हो गईं थी पांच जिंदगियां

जिला आपदा विशेषज्ञ सुरजीत कुमार ने बताया कि अपर जिलाधिकारी (राजस्व) सत्यम मिश्रा के निर्देशन में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिला स्तर पर दो बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। जिसका नंबर 0591-2412728 व मोबाइल नंबर: 9454416867 है।

इसके अलावा तहसील स्तर पर भी चार कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। संभावित बाढ़ के मद्देनजर सदर, कांठ, बिलारी और ठाकुरद्वारा तहसील चिह्नित की गईं हैं। जिले के 193 गांवों को चुना गया है। 35 बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है। 18 नाविक और 41 गोताखोरों का भी प्रशासन ने इंतजाम कर लिया है। 29 स्थानों पर राहत कैंप भी लगाए जाएंगे।

Story Loader