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रामपुर में एक घर से निकले 4 जनाजे, नहीं जले घरों में चूल्हें, 30 सेकेंड में खत्म हो गईं थी पांच जिंदगियां

Rampur Accident: यूपी के मुरादाबाद में सड़क हादसे में रामपुर के पिता-पुत्रों समेत पांच की मौत हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। कार चालक को रात में जबकि पिता-पुत्र के शवों को सबेरे गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

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4 dead bodies left a house in Rampur

रामपुर में एक घर से निकले 4 जनाजे

Rampur Accident News: मुरादाबाद के मूंढापांडे में गुरुवार सुबह दिल्ली हाईवे पर हुए हादसे में मात्र 30 सेकेंड में पांच जिंदगियां खत्म हो गईं। इस हादसे को जिसने भी देखा, वह अब भी उस पल को भूल नहीं पा रहा है।

हज मुकम्मल होने के बाद भारत लौटे थे

रामपुर जिले की तहसील स्वार के गांव मुकर्रमपुर के रहने वाले अशरफ अली के बेटे गुजरात के सूरत में कपड़े का कारोबार करते हैं। परिजनों के मुताबिक अशरफ अली बीते दिनों अपनी पत्नी जैतून बेगम साथ सऊदी अरब के लिए रवाना हुए थे। हज मुकम्मल होने के बाद वह गुरुवार तड़के भारत लौटे थे। इस पर उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट लेने के लिए गांव के रहने वाले कार चालक एहसान के साथ उनके पुत्र नक्शे, आरिफ व इंतेखाब दो गाड़ियों के साथ पहुंचे थे।

टक्कर में कार चकनाचूर हो गई

जानकारी के अनुसार एक कार में हाजी पिता को लेकर पुत्र वापिस गांव लौट रहे थे। जबकि एक गाड़ी पीछे चल रही थी। बताया गया है कि मुरादाबाद में हाईवे स्थित मूंढापांडे के पास उनकी कार किसी दूसरी कार से टकरा गई। इससे कार बेकाबू होकर सामने से आ रही एक रोडवेज बस से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार चकनाचूर हो गई।

शव रात करीब आठ बजे गांव पहुंचे

हादसे में कार में सवार पिता सहित तीन की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो ने इलाज को जाते समय दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद हाईवे पर जमा हुई लोगों की भीड़ व पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को क्षतिग्रस्त कार पार्ट्स काटकर बाहर निकाले और अस्पताल पहुंचाया। जहां पोस्टमार्टम होने के बाद शव रात करीब आठ बजे गांव पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित होना शुरू हो गई।

घरों में नहीं जले चूल्हे

शव पहुंचने के बाद गांव का माहौल इतना गमगीन हो गया कि आसपास घरों में चूल्हे तक नहीं जले। कार चालक एहसान के परिजनों ने उसको रात में ही सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। जबकि शुक्रवार सवेरे मृतक पिता पुत्रों के घरों पर ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। तभी नौ बजे चार मृतकों के जनाजे एक साथ घरों से निकले तो हर एक की आंख नम हो गई।