
आप भी खा रहें है रिफाइंड से तैयार मावा-ऐसे होती है चुटकियों में पहचान
मुरैना. त्योहारों पर मोटी कमाई करने के चक्कर में कुछ लोग भारी मात्रा में नकली मावा तैयार कर रहे हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि यह मावा आपके स्वास्थ्य पर विपरित असर डाल सकता है, क्योंकि इसमें भारी मात्रा में रिफाइंड ऑयल का उपयोग किया जाता है। ऐसी ही नकली मावे की एक बड़ी खेप खाद्य विभाग ने नष्ट करवाई है, अगर आप भी मावा लेने जा रहे हैं। तो कुछ आसान टिप्स से उसकी पहचान करें, ताकि आप भी नकली मावा खाने से बच जाएं।
चिकनाई बनी रहे इसलिए मिलाते है रिफाइंड आयॅल
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने मुरैना के जिगनी में स्थित एक फैक्ट्री में छापामार कार्रवाई की है, यहां जब टीम पहुंची तो वहां पर रिफाइंड आयॅल के टीन नजर आए, यह देखकर टीम भी दंग रह गई, क्योंकि मावा में रिफाइंड ऑयल का क्या काम होता है, ऐसे में फैक्ट्री मालिक ने बताया कि इससे चिकनाई बनी रहती है, इसलिए मिलाते हैं, इस कारण विभाग ने मौके पर ही मावा नष्ट करवाया।
ऐसे तैयार होता है नकली मावा
नकली मावा यूं तो कई प्रकार से तैयार होता है, जिसमें रिफाइंड ऑयल से मावा तैयार करना सबसे अधिक उपयोग में लाया जाता है, इसके तहत दूध में से क्रीम निकाल लेते हैं, फिर जो सप्रेटा दूध बचता है उसका मावा तैयार करते हैं, चूंकि दूध में से पूरी क्रीम निकाल ली जाती है, इस कारण उसमें रिफाइंड ऑयल मिला दिया जाता है। जिससे चिकनाई रहती है और लोग समझते हैं कि मावा में से घी निकल रहा है और उसे असली समझ कर नकली मावा खरीद लेते हैं।
ऐसे करें नकली मावे की पहचान
1-आप मावा की खुशबू से भी पहचान कर सकते हैं, आप ठीक से सूंघ लेंगे तो निश्चित ही आपको रिफाइंड ऑयल की खुशबू आ सकती है। अन्यथा आप इन उपायों में से भी कोई उपाय अपनाएं, जिससे निश्चित ही आप नकली मावा खरीदने से बच जाएंगे।
2-थोड़ा सा मावा लेकर अंगूठे से रगड़े, असली मावा होगा तो घी जैसी महक आने लगेगी।
3-मावा की गोली बनाएं, अगर वह फटने लगे तो समझे मावा वाकई में नकली है।
4-थोड़ा सा मावा खाकर भी देख सकते हैं, असली मावा खाने से दूध जैसा स्वाद आने लगता है।
5-करीब ५ एमएल पानी में मामूली मावा डाले, इसे अच्छे से घोल लें, इसके बाद इसें टिंचर आयोडीन डालें, अगर मावा नकली है तो उसका रंग नीला हो जाएगा।
6-मावा में थोड़ी शक्कर डालकर गरम करें, अगर यह पानी छोड़ दे तो समझें वह नकली है।
ऐसे करें खरीदारी-अगर आप बाजार से मिठाईयां या मावा खरीदने जा रहे हैं तो ऊपर दिए गए उपाय के माध्यम से असली मावे की पहचान करें, कलर वाली मिठाईयां लेने से बचें, क्योंकि उनमें भी सिंथेटिक रंगों का जमकर उपयोग होता है, ऐसी दुकानों से मिठाईयां व मावा लें जो विश्वसनीय हैं। अक्सर त्यौहारों के दौरान चौराहों और गलियों में अगल से दुकानें लग जाती है, उन पर कम भरोसा करें। क्योंकि चंद दिनों के लिए दुकान लगाकर बैठने वाले लोग आपकी जेब के साथ सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
चार भट्टियों में तैयार हो रहा था मावा
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जैसे ही बहादुर सिंह डेयरी की फैक्ट्री में पहुंचकर कार्रवाई शुरू की तो देखा कि एक साथ चार भट्टियों में चढ़ी कढ़ाही पर मावा तैयार किया जा रहा है। टीम ने जब मावा को सूंघा तो उसमें से रिफाइंड ऑयल की खुशबू आने लगी, जिसे जानकर तुरंत ही मावा नष्ट करवाया गया। यहां काफी मात्रा में रिफाइंड ऑयल था, इस मामले में खाद्य विभाग ने डेयरी संचालक बहादुर सिंह के खिलाफ दिमिनी थाने में प्रकरण दर्ज करवाया है। कार्रवाई के दौरान भी पुलिस बल तैनात था, ताकि किसी प्रकार के वाद विवाद की स्थिति से निपटा जा सके।
त्योहारों के दौरान मावा में मिलावट होती ही है। फैक्ट्री में रिफाइंड ऑयल से मिलावट करना पाया गया है। ऐसे में तुरंत 60 किलो मावा नष्ट कराया है।
-धर्मेन्द्र जैन, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
Published on:
22 Oct 2021 04:20 pm
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