
मुरैना लोकसभा सीट पर लोगों ने उत्साह के साथ किया मतदान,पढ़ें पूरी खबर
मुरैना। जिले के सभी हिस्सों में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान लगभग शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। लोगों में वोटिंग के प्रति उत्साह भी दिखाई दिया। गर्मी के मौसम में अधिकांश लोग सुबह जल्दी मतदान के लिए निकले। इसलिए सुबह 10 बजे तक मतदान केन्द्रों पर वोटर्स की कतारें लगी रहीं। हालांकि दोपहर के समय मतदान केन्द्रों पर वोटर्स की संख्या बहुत कम नजर आई। सबलगढ़ क्षेत्र में सभी जगह सुबह निर्धारित समय पर मतदान शुरू हुआ। नगरीय क्षेत्र के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी सभी मतदान केन्द्रों पर चौकस इंतजामों के बीच व्यवस्थित ढंग से मतदान चला। यहां कुल्हौली मतदान केन्द्र पर तो सुबह 11 बजे तक 49 फीसदी लोग वोट कर चुके थे। इसी तरह कैलारस क्षेत्र में भी मतदाताओं ने बढ़चढकऱ लोकतंत्र के महायज्ञ में भागीदारी की।
खास बात यह रही कि शाम तक किसी भी मतदान केन्द्र पर गड़बड़ी या विवाद की खबर नहीं मिली। जौरा क्षेत्र में नगरीय क्षेत्र के अधिकांश मतदान केन्द्रों पर सुबह वोटर्स की कतारें देखी गईं। हालांकि दोपहर 12 बजे के बाद लोगों की भीड़ कम हो गई। इधर अंबाह व पोरसा क्षेत्र में भी लोगों ने पूरे उत्साह के साथ मतदान किया। खास बात यह कि चुनाव के दौरान सदैव संवेदनशील माने जाने वाले इस क्षेत्र में भी मतदान पूरी तरह शंातिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
विवाह से पहले किया वोट
रविवार को इस सीजन का बड़ा साहलग भी था। इसलिए अंचल में कईमतदान केन्द्रों पर ऐसे युवा भी मतदान करने पहुंचे, जिनकी इस दिन शादी भी थी। कई युवक को दूल्हे के रूप में तैयार होकर वोट डालने पहुंचे। मतदान के बाद वे अपनी बारात लेकर रवाना हुए। मसलन कैलारस के पचेखा में रजनीश सिकरवार ने पहले वोट डाला और फिर विवाह के लिए झांसी के लिए यात्रा शुरू की। इसी तरह मुरैना के बूथ क्रमांक 120 पर दूल्हा संदीप राठौर ने बारात ले जाने से पहले मतदान किया। इस मामले में वे युवतियां भी पीछे नहीं रहीं, जिनकी शाम को शादी होनी थी। जौरा के मतदान केन्द्रों पर ऐसी एक दर्जन से अधिक युवतियां वोट डालने पहुंचीं।
शाम तक बंद रहे शहर के बाजार
लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के दौरान शहर के अधिकांश बाजार बंद रहे। खास बात यह कि व्यवसायियों ने स्वेच्छा से ही अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। यह व्यवस्था सरकारी स्तर पर नहीं की गई थी। मतदान सुबह सात बजे से ही शुरू हो गया था, इसलिए व्यवसायियों ने रविवार को अपने प्रतिष्ठान न खोलना ही उचित समझा। बता दें कि रविवार को मुरैना के बाजार में साप्ताहिक अवकाश भी रहता है। यह बात और है कि फिर भी बाजारों में अधिकांश दुकानें खुली रहती हैं। लेकिन मतदान वाले दिन कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद ही रखे। आलम यह रहा कि शहर के सदर बाजार, मारकण्डेश्वर बाजार, झण्डा चौक, स्टेशन रोड, शंकर बाजार, पंसारी बाजार, सिकरवारी बाजार, लोहिया बाजार में दुकानों के शटर बंद नजर आए। और तो और एमएस रोड के किनारे संचालित सभी दुकानें भी रविवार को बंद रहीं। हालांकि शाम पांच बजे के बाद कुछ दुकानें खोल ली गईं।
खुली थीं सिर्फ नाश्ते की दुकानें
रविवार को जब मतदान चल रहा था तो शहर के विभिन्न इलाकों में सिर्फ नाश्ते की कुछदुकानें खुली थीं। इन दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही थी। बता दें कि शहर में स्वल्पाहार की दुकानों पर सुबह से ही लोगों की आमद शुरूहो जाती है। लेकिर रविवार को कम दुकानें खुली थीं, इसलिए उन पर लोगों की भीड़ नजर आ रही थी। आलम यह था कि दुकानदारों को डिमांड पूरी करते नहीं बन रहा था।
मंडप से उठकर आई युवती वोट डालने
शहर में रहने वाली युवती दुर्र्गेश मुदगल की रविवार को ही शादी थी। वह मंडल से उठकर जनपद पंचायत कार्यालय परिसर स्थिति मतदान केंद्र क्रमांक 108 पर वोट डालने पहुंचीं। उन्होंंने कहा कि लोकतंत्र में एक-एक वोट का महत्व है, इसलिए हमने पहले वोट डालना जरूरी समझा। दुर्गेश का लोकसभा चुनाव में पहली बार मतदान था। वहीं मतदान केंद्र क्रमांक 120 जेएस पब्लिक स्कूल पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में दूल्हा संदीप राठौर मंडल से बारात ले जाने से पहले वोट डालने पहुंचा। जनपद पंचायत के मतदान केंद्र में पहली बार वोट डालने आईं रेनू ने बताया कि उन्होंने विकास को ध्यान में रखते हुए अपना मतदान किया है।
मौसम का मिजाज भी रहा नरम
यह आशंका व्यक्त की जा रही थी कि भीषण गर्मी की वजह से लोकसभा चुनाव के लिए मतदान का प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। लेकिन दिन के समय मौसम नरम रहने के कारण कई लोग दोपहर के वक्त भी वोट करने घरों से निकले।दोपहर में गर्मी के असर से बचने के लिए अधिकांश लोगों ने सुबह के वक्त ही मतदान करना उचित समझा। यही वजह रही कि सात बजे के बाद ही मतदान केन्द्रों पर वोटर्स की कतारें नजर आने लगीं। आशंका व्यक्त की जा रही थी कि दोपहर के वक्त लोग मतदान के लिए घरों से नहींं निकलेंगे। लेकिन 12 बजे के बाद अचानक आसमान में बादल छा गए, जिसकी वजह से तापमान गिर गया। बढिय़ा हवा भी चल रही थी, जिससे गर्मी का अहसास कम हो रहा था। इस वजह से कई ऐसे लोग दोपहर के वक्त भी वोट डालने के लिए घरों से निकले, जिन्होंने गर्मी की वजह से मतदान न करने का मन बना रखा था।
बुजुर्गों, दिव्यांगों में भी दिखाई दिया उत्साह
मतदान के प्रति सुबह बुजुर्गों व दिव्यांगों में भी उत्साह दिखाई दिया। गणेशपुरा के मतदान केंद्र क्रमांक 153 पर दिव्यांग अमिल शर्मा व्हीलचेयर पर बैठकर वोट डालने पहुंचे। वहीं ननि स्थित आदर्श मतदान केंद्र पर संजय कॉलोनी निवासी शमद खान अपना वोट डालने पहुंचे। अपनी पत्नी के साथ पहुंचे शमद खान का कहना था कि वे हर चुनाव में मतदान करते हैं। समाजसेवी और वयोवृद्ध चिकित्सक डॉ केएल राठी भी व्हीलचेयर पर बैठकर ननि स्थित आदर्श मतदान केंद्र पर अपना वोट करने पहुंचे। जनपद पंचायत स्थित मतदान केंद्र पर वोट 70 साल की जावित्री देवी ने अपने बेटे के साथ आकर वोट डाला। उन्होंने कहा कि यह हमारा अधिकार है और हम हर चुनाव में प्रयोग करते हैं। मणिपुर में पदस्थ सेना के जवान रामअख्त्यार प्रजापति ने कहा कि वे देश की सरकार में अपना योगदान चाहते हैं, इसलिए अवकाश लेकर मतदान करने आए हैं।
...तब कार्यकर्ताओं ने चुप कराई बच्ची
नगर निगम कार्यालय परिसर स्थित मतदान केंद्र क्रमांक 83 एक महिला मतदान करने आई। उसके साथ करीब दो साल की एक बच्ची थी। बच्ची को को बाहर खिलौने और टॉपी देकर महिला मतदान करने चली गई। इस दौरान जब बच्ची रोने लगी तो वहां मौजूद करीब आधा दर्जन आशा कार्यकर्ताओं ने उसे खिलौने देकर, गोदी में उठाकर दुलार करके चुप कराया। सुबह से ऐसा कई बच्चों के साथ हुआ।
Published on:
12 May 2019 08:17 pm
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