
मुरैना. जिले में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था औपचारिक बनकर रह गई है। न तो मीनू के मुताबिक भोजन दिया जा रहा है और न ही भोजन में क्वालिटी बेहतर है। स्कूलों में बच्चों की संख्या के मान से भी भुगतान नहीं हो रहा है। ठेकेदार व अधिकारियों की मिली भगत से मनमाने तौर पर भुगतान किया जा रहा है।
Updated on:
30 Nov 2024 03:53 pm
Published on:
30 Nov 2024 03:52 pm
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