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आवास निर्माण पर करोड़ों खर्च, एलॉट नहीं हुए आवास, लोहे की खिडक़ी, गेट चोरी

- 1000 आवास थे प्रस्तावित, सिर्फ बने 250 - 190 आवास हुए एलॉट, 140 ने लिए पैसे वापस, 50 ने लिए आवास लेकिन चार साल बाद भी रहने नहीं पहुंचा एक भी परिवार

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मुरैना. हाउसिंग बोर्ड द्वारा शिवलाल पुरा के पास कॉलोनी विकसित किए थे लेकिन प्रोपर सुविधाएं नहीं मिलने पर जिन लोगों ने आवास एलॉट करवाए, वह भी रहने नहीं पहुंच सके।
अटल आश्रय योजना के तहत भौडेरी मौजे में शिवलाल पुरा के पास हाउसिंग बोर्ड ने जमीन खरीदकर कॉलोनी विकसित की थी। वहां 1000 आवास निर्माण करना प्रस्तावित था परंतु 11 करोड़ के करीब राशि खर्च करके 250 आवास बनाए गए। उनमें से 190 एलॉट हुए लेकिन बाद में 140 लोगों ने राशि वापस लेकर एलॉट निरस्त करा लिया। 50 आवास एलॉट रह गए, हाउसिंग बोर्ड उक्त कॉलोनी में व्यवस्थाएं नहीं दे सका इसलिए सात साल बाद भी कोई परिवार उन आवासों में रहने नहीं पहुंचा है। स्थिति यह है कि आवास जर्जर हो चुके हैं। आवासों की दीवार फोडकऱ लोहे के गेट, खिडक़ी चोरी की जा चुकी हैं। वहीं परिसर में पार्क की बाउंड्री में लगे लोहे के पोल चोरी हो चुके हैं, परिसर में खेती हो रही है।

  • सात साल पूर्व विकसित हो चुकी थी कॉलोनीहाउसिंग बोर्ड ने शिवलाल का पुरा में जमीन खरीदकर वर्ष 2015 में कॉलोनी विकसित करने आवासों का निर्माण करना शुरू किया गया। वर्ष 2017 तक प्रस्तावित 1000 आवासों में 250 बनकर तैयार हो गए। उनमें से उसी समय 190 आवास एलॉट तो हो चुके हैं। बाद में 140 लोगों ने अपने पैसे वापस लेकर एलाटमेंट निरस्त करा लिया था। 50 लोग हर गए थे, उनमें से भी व्यवस्था और सुरक्षा के अभाव में अभी तक एक भी परिवार वहां रहने नहीं पहुंचा है। इसमें दो साइज के आवास हैं। एक 20 बाइ 40 (800 वर्ग फीट), दूसरा साइज 13 बाइ 32 (416 वर्ग फीट) है।
  • आवासों में भरा है भूसा और पार्कों में हो रही खेतीहाउसिंग बोर्ड ने जो कॉलोनी विकसित की थी। उसमें एक दो साल तक चौकीदार रहा लेकिन उसके बाद सूनी छोड़ दी। वर्तमान में स्थित यह है कि आसपास के लोगों ने आवासों के ताले तोडकऱ अपना अपना भूसा भर दिया है। वहीं पार्कों के चारों तरफ के लोहे के पाइप चोरी हो चुके हैं, परिसर में खेती हो रही है।
  • आवासों में की गई है तोडफ़ोड़कॉलोनी के बिजली सप्लाई के लिए एक बिजली घर में बनाया गया था। आवासों के लिए बिजली की लाइन भी डाली गई थी। लेकिन बिजली की लाइन के तार के साथ साथ आवासों में लगे बोर्ड तक चोरी हो गए। कमरों में लगी लोहे की जाली, पार्कों में लगे पाइप व जालियां भी चोरी हो चुकी हैं। इन खिड़कियों व जालियों को चुराने के लिए दीवार फोड़ दी, उसके बाद आवास और क्षतिग्रस्त हो गए हैं।फैक्ट फाइल
  • 1000 आवास थे प्रस्तावित।
  • 250 आवासों का हो चुका है निर्माण।
  • 190 के करीब आवास हुए थे एलॉट।
  • 140 लोग निरस्त करा चुके हैं एलॉटमेंट।
  • 11 करोड़ के करीब राशि खर्च हुई थी आवासों के निर्माण पर।
  • 2015 में शुरू हुआ था आवासों का निर्माण।
  • 2017 में बनकर तैयार हो चुके थे आवास।
  • 05 पार्क विकसित किए थे परिसर में।
  • हमने अभी हाल ही में ऑप्सन के दौरान दस आवास एलाट कराए हैं। शासन के लोगों की गलती के चलते चौकीदार नहीं रखा गया इसलिए आवासों के गेट व खिडक़ी चोरी हो चुके हैं।उपेन्द्र मावई, रहवासी
  • कॉलोनी के आवास की खिडक़ी, गेट यहां तक कि शौचालय की सीट तक चोरी हो चुकी हैं। आवासों में लोगों ने भूसा भर लिया है। यहां का माहौल खराब है इसलिए आवासों की अभी तक बिक्री नहीं हो सकी है।सत्यवीर सिंह, बिचौलाकथन
  • भौंडेरी मौजे में हाउसिंग बोर्ड ने 250 आवास बनाए थे। उनमें से उसी समय 190 आवास एलॉट हुए थे। बाद में 140 लोगों ने अपने आवासो का एलाटमेंट निरस्त करा लिया था। 50 आवास पूर्व के हैं और अभी विज्ञप्ति निकाली गई थी, उसमें से 20 और एलॉट हो चुके हैं। अभी प्रक्रिया जारी ही है। हाउसिंग बोर्ड के आवासों की टीएनसीपी सहित अन्य सभी परमीशन हैं, पास में ही अवैध कॉलोनी कट रही है, उसमें जितने का प्लाट मिल रहा है, उतने में हम मकान दे रहे हैं।राजेन्द्र तिवारी, कार्यपालन यंत्री, हाउसिंग बोर्ड