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जमीन विवाद पर फौजी पान सिंह तोमर बना था डकैत, आज उसी गांव के पड़ोस में जमीन विवाद पर हुईं 6 हत्याएं

जिस जमीनी विवाद के कारण चंबल में 6 हत्या हुई है, उसी चंबल में एक फौजी जमीनी विवाद के कारण ही फौजी से डकैत बन गया था।

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फौजी से डकैत बन गया था पान सिंह तोमर, इसी क्षेत्र में आज भी हो रही हैं हत्याएं

फौजी से डकैत बन गया था पान सिंह तोमर, इसी क्षेत्र में आज भी हो रही हैं हत्याएं

मुरैना. मध्यप्रदेश के जिस क्षेत्र में जमीनी विवाद के चलते एक साथ 6 लोगों की गोली मारकर हत्या हुई है, उसी क्षेत्र में जमीनी विवाद के कारण एक फौजी डकैत बनने पर मजबूर हो गया था, आज हम आपको ऐसे ही एक डकैत की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसकी जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा करने के कारण उसे भी हथियार उठाने पड़े थे और उसने कई दबंगों को मौत के घाट उतार दिया था।

ये है ताजा मामला
मुरैना जिले के सिहौंनिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आनेवाले गांव लेपा के पास ही भिड़ोसा गांव हैं, चूंकि ये गांव बहुत पास पास ही हैं, इस कारण इन गांवों को एक साथ लेपा-भिड़ोसा कहा जाता है, लेपा गांव में शुक्रवार सुबह जमीनी विवाद के चलते तोमर परिवार के बीच खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें एक ही परिवार के छह लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। जिन्हें इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।

फौजी से डकैत बने थे पानसिंह तोमर

भिड़ोसा गांव में एक बालक का जन्म 1932 में हुआ था, जिसका नाम पान सिंह तोमर था, वह मिल्खा सिंह की तरह तेज दौडऩे वाला एथलीट था, जो युवा होते ही फौज में शामिल हो गए थे और देश सेवा का जज्बा उनमें नजर आने लगा था, वे करीब सात बार राष्ट्रीय स्टीपलचेंज में चैम्पियन बने थे, उन्होंने एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व भी किया था, रिटायर्ड होने के बाद वे गांव में ही खेती बाड़ी का काम देखने लगे थे, लेकिन कुछ दबंगों ने उनकी जमीन पर गलत तरीके से कब्जा कर लिया था, जमीन विवाद के चलते उनकी मां की भी हत्या कर दी गई थी, बस तभी से फौजी से रिटायर्ड हुए पान सिंह तोमर ने बंदूक उठा ली और वे डकैत बन गए थे, उन्होंने एक के बाद एक कई दबंगों को मौत के घाट उतार दिया था। वे अपने साथ हुए अन्याय का बदला लेने के लिए चंबल के बीहड़ों में चले गए थे, 1981 में एक एनकाउंटर में उनकी मौत हो गई थी।

डकैत पान सिंह जैसा ही मामला है लेपा हत्याकांड

लेपा गांव में शुक्रवार 5 मई 2023 को हुए हत्याकांड का मामला डकैत पान सिंह तोमर के साथ हुई घटना से पूरा मिलता जुलता है, अगर हम दोनों ही मामलों पर नजर डाले तो दोनों ही मामले एक जैसे प्रतीत हो रहे हैं, जैसे पान सिंह भी तोमर था और 5 मई को जो हत्याएं हुई वह मामला भी तोमर परिवार के बीच हुआ है, पान सिंह तोमर की जमीन पर भी परिवार के लोगों द्वारा भी कब्जा किया गया था, वहीं 5 मई को जो मामला हुआ है, उसमें भी परिवार के लोगों के बीच ही जमीन का कब्जे को लेकर हत्याएं हुई हैं।