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बिल्डिंग पर डिग्री कॉलेज का बोर्ड, अंदर लग रहा स्कूल, बिना छात्रों वाली कॉलेज बिल्डिंगों की भरमार

-कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारियों ने शुरू की जांच, कागजों में संचालित कॉलेज संचालकों पर कार्रवाई होगी या फिर पूर्व की तरह हो जाएगा मामला रफे दफे

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मुरैना. झुंडपुरा शिवशक्ति कॉलेज की बिल्डिंग न मिलने पर जीवाजी विश्व विद्यालय प्रशासन के अधिकारी व कॉलेज संचालक पर एफआइआर के बाद शासन व प्रशासन सक्रिय हो गया है लेकिन जिले में अभी भी ऐसे कई कॉलेज हैं, जिनके पास बिल्डिंग नहीं हैं और बिल्डिंग है तो स्टाफ व छात्र नहीं हैं। ऐसे भी कई कॉलेज हैं जिनके भवन में एक से अधिक संस्थाएं संचालित हैं।
शासन के निर्देश पर कलेक्टर ने जिले के एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि प्राइवेट कॉलेजों की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। इसको लेकर एसडीएम ने अपने स्तर पर तहसीलदार व नायब तहसीलदार को इस कार्य में लगा दिया है। इन अधिकारियों के निरीक्षण में ऐसे प्राइवेट कॉलेज मिल रहे हैं, जिनकी बिल्डिंग हैं तो स्टाफ व छात्र नहीं हैं, अन्य बुनियादी सुविधाएं लैब, लाइब्रेरी व खेल मैदान नहीं मिले। पत्रिका प्रतिनिधि ने भी शनिवार को कुछ कॉलेजों का भ्रमण किया, जहां कुछ की सिटी ऑफिस शहर में संचालित हैं लेकिन जहां का कॉलेज का पता दिया है, वहां कॉलेज संचालित नहीं हैं। कुछ में स्कूल संचालित हो रहे तो कुछ में बीए, बीएससी, कॉमर्स के अलावा, बीएड, डीएड और अन्य कक्षाएं भी लगाई जा रही हैं।

  • बीआरएम महाविद्यालय जींगनीबीआरएम महाविद्यालय जींगनी का जलालपुर रोड पर एक मकान पर बोर्ड लगा है। मकान में एक बाउंड्री के अंदर कुछ कमरे बने थे। उसमें फर्नीचर पड़ा था। मुख्य गेट पर ताला पड़ा था। वहां मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि इसमें हाईस्कूल संचालित होता है। भवन के एक तरफ खेल मैदान लिखा, उसमें सरसों की फसल खड़ी थी और पार्किंग की जगह पर गेंहू की फसल खड़ी थी।
  • दानवीर महाविद्यालय बरेथा रोडदानवीर महाविद्यालय अभी तक बरेथा में हायरसेकेंडरी स्कूल की बिल्डिंग में संचालित था, इस साल बरेथा रोड खेड़ा मेवदा पर नई बिल्डिंग का निर्माण करवा लिया है, परिसर अभी भी कच्चा है, उसमें स्थिति यह थी कि अगर बारिश होती है भवन तक पहुंचना मुश्किल होगा। कॉलेज में न तो स्टाफ और न छात्र, संचालक जरूर मौजूद मिले। इस बिल्डिंग में बीए, बीएससी के अलावा आईटीआई कॉलेज भी संचालित होना बताया गया।
  • चौधरी शिक्षा महाविद्यालय मुडिय़ाखेड़ाचौधरी शिक्षा महाविद्यालय मुडिय़ाखेड़ा की बिल्डिंग काफी अच्छी थी लेकिन उसमें डीएड, बीएड संचालित होना बताया गया। बीए, बीएससी कॉलेज तो संचालित हैं लेकिन अलग से कोई भवन नहीं हैं। तीन चार छोटे छोटे कमरे बिल्डिंग के पीछे स्थित थे, उनमें कॉलेज संचालित होना बताया लेकिन उस पर कोई बोर्ड नहीं लगा था। यहां न तो स्टाफ मिला और न एक भी छात्र छात्रा।
  • इन विंदुओं पर होनी हैं जांचमहाविद्यालय के स्वामित्व की भूमि, महाविद्यालय के भवन की स्थिति जैसे- कमरों की संख्या एवं माप, सम्बद्धता का वर्णन, सम्बद्धता वर्तमान में प्रभावशील है या नहीं, कक्षा और प्रायोगिक कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं की स्थिति, पर्याप्तता और रखरखाव, पुस्तकों, पत्रिकाओं और डिजिटल सामग्रियों सहित पुस्तकालय के संसाधनों का वर्णन, खेल और मनोरंजन सुविधाओं की उपलब्धता और स्थिति का आकलन, कॉलेज की छात्रवृत्ति और शासकीय वित्तीय सहायता के संबंध में गत 05 वर्षों में दी गई सहायता की जानकारी एवं कुल पास आउट विद्यार्थियों की संख्या, छात्र-शिक्षकों की संख्या एवं अनुपात आदि विंदु शामिल हैं, जिन पर जांच होनी है।
  • 88 निजी महाविद्यालयों की जांच शुरूब्रजबल्लभ महाविद्यालय देवी सिंह का पुरा, जय मां कैलादेवी, उमा डिग्री कॉलेज बड़ोखर, दानवीर वरेथा, महाराणा प्रताप, टीपीएस गल्र्स, मां पीतांबरा उम्मेदगढ़ बांसी, सैनिक डिग्री, सरवनी कॉलेज शिकारपुर, श्री वैष्णव कॉलेज, जैन महाविद्यालय, मां विद्यादेवी, एस आर डी, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, एम जी एम, स्वामी रामकृष्ण परमहंस, बीआरएम जींगनी, जय श्रीकृष्णा, के एस, जय श्रीराम, लिटिल फ्लोवर, टी एस एस, बी एल, मां शांती देवी, मान सिंह इंस्ट्यूटीट, चौधरी शिक्षा महाविद्यालय मुडिय़ाखेड़ा, गौतम बुद्ध, पं. एस सी उपाध्याय, पं. नेहरू, जीएलएस, श्रीराम, रामादेवी सहित 88 कॉलेज निजी कॉलेज हैं, जिनकी जांच शुरू हो चुकी है।लीड कॉलेज की प्राचार्य बोली: शासन निर्देश देगा तब कराएंगे जांचशासकीय कन्या लीड कॉलेज मुरैना की प्राचार्य भारती शुक्ला पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि हम अपनी तरफ से कोई जांच नहीं कर सकते, शासन निर्देश देगा, तभी करा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रवृत्ति व निरीक्षण से उनके कॉलेज का कोई लेना देना नही हैं जबकि शासन के निर्देशानुसार हर साल प्राइवेट कॉलेजों का निरीक्षण लीड कॉलेज को करना हैं और छात्रवृत्ति का निर्धारण भी लीड कॉलेज से ही होता है।कथन
  • कलेक्टर ने जिले के समस्त एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि प्राइवेट कॉलेजों की निर्धारित विंदुओं के तहत जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। रिपोर्ट आने पर उसका अध्ययन करेंगे, उसके बाद तय करेंगे कि इसमें क्या कार्रवाई हो सकती है।सी बी प्रसाद, अपर कलेक्टर