
मुरैना. शासन से हर साल निर्देश आते हैं कि शिक्षकों से बेगार न कराई जाए अर्थात उनका अटैचमेंट अन्य कार्य के लिए नहीं किया जाए, बावजूद उसके जिले में अभी भी करीब 150 शिक्षक स्वयं के विभाग सहित अन्य विभागों में अटैच हैं। जिसके चलते शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने अभी हाल ही में दो पत्र जारी किए हैं, उसमें इस बात का उल्लेख किया है कि अटैच शिक्षक अपनी अपनी मूल संस्था में पहुंच जाएं, उसके बाद जिले में क्या उम्मीद करें, जब डीईओ की स्वयं की आफिस में ही अभी अटैच शिक्षक अपनी मूल संस्था में न पहुंचकर वहीं पर जमे हैं। कलेक्ट्रेट, एसडीएम, तहसील, निर्वाचन में लंबे समय से शिक्षक अटैच हैं। शासन प्रशासन ने ऑनलाइन हाजिरी पर सख्ती बरती जा रही है लेकिन जो लंबे समय से अन्य विभागों में जमे हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया ने कहा है कि कार्यालयीन कार्य संपादन, शैक्षणिक संवर्ग के आसंजन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर संबधित लोकसेवकों को अपनी मूल पंदाकित संस्था पर उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया गया था। लेकिन संज्ञान में आया है कि कुछ लोकसेवकों द्वारा आदेश का पालन न करते हुए वह अपनी मूल संस्था पर उपस्थित नहीं हुए है, जो कि स्वैच्छाचारिता का द्योतक है। आदेश के पश्चात भी शैक्षणिक संवर्ग के आसंजन से संबंधित कोई भी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी को प्राप्त होती है तो आसंजित लोकसेवक का वेतन संबंधित प्राचार्य एवं बीईओं द्वारा आहरित किया गया, तो उसकी सभी जिम्मेदारी संबधित संकुल प्राचार्य एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी की होगी।
डीईओ कार्यालय में उर्दू प्रकोष्ठ में रहमान खान, शिकायत में अतीष तोमर, नियम विरुद्ध ब्रजेन्द्र तोमर को आईटी सेल समन्वयक, विजय तोमर को सहायक सांख्यकीय अधिकारी के रूप में अटैच कर रखा है। परीक्षा में सुशील पाठक, स्थापना में सत्यदेव पचौरी सहित अन्य शिक्षक अटैच हैं, जिनकी जानकारी स्वयं डीईओ को नहीं हैं। कलेक्ट्रेट में सतीश शर्मा, धर्मेन्द कश्यप, दिवाकर पचौरी, प्रकाश गुप्ता लंबे समय से अटैच हैं। चंद्रशेखर यादव जिला पंचायत, पंजाब सिंह यादव तहसील, प्रीतम प्रजापति एवं योगेन्द्र चतुर्वेदी एसडीएम ऑफिस जौरा, संयुक्त कलेक्टर शुभम शर्मा ने तत्कालीन कलेक्टर ने शिक्षा विभाग का ओआईसी बनाया था, उन्होंने दो शिक्षकों को अटैच किया था, अब वह जौरा एसडीएम बन गए हैं लेकिन शिक्षक आज भी कलेक्ट्रेट में अटैच हैं। पठानपुरा प्राइमरी स्कूल में 20 बच्चे दर्ज हैं, वहां पहले से ही एक शिक्षक सपना सिकरवार पदस्थ है, उसके बाद भी संकुल प्राचार्य ने रंछोर पुरा से शिवानी दीक्षित और मोहनपुर से लाली कोतू को पठानपुरा में अटैच किया है। जौरा बीईओ कार्यालय में ब्रजेश सोलंकी, मुरैना बीईओ में देवकीनंदन शर्मा सहित तीन शिक्षक अटैच हैं।
शिासकीय माध्यमिक विद्यालय सांगोली में छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रही है। यहां करीब 150 छात्र दर्ज हैं, लेकिन शिक्षक सिर्फ एक ही है, अन्य शिक्षक अटैच हैं। संकुल प्राचार्य को मजबूरन चार अतिथि शिक्षक रखने पड़े हैं, जो स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अतिथि शिक्षकों में राघवेंद्र कुशवाह, सुरेंद्र सिंह जाटव, हरिओम किरार, सोनम सिकरवार पदस्थ हैं। वहीं प्राथमिक शिक्षक रविंद्र सिंह कर्णावत, जिन्हें माध्यमिक विद्यालय का प्रभारी बनाया गया है। अगर शिक्षकों का अटैचमेंट नहीं होता तो इस विद्यालय को भी स्थायी शिक्षक मिल सकते थे।
शिक्षकों के अटैचमेंट खत्म करने के आदेश जारी कर दिए हैं, अगर फिर भी कोई शिक्षक अटैच हैं और उनका वेतन निकलता है तो संबंधित आहरण संवितरण अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रही बात कलेक्ट्रेट में शिक्षकों के अटैचमेंट की, इस संबंध में कलेक्टर साहब से चर्चा करेंगे।
Published on:
19 Mar 2026 03:08 pm
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