3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शनिश्चरी अमावस्या के दिन होगा सूर्यग्रहण, एमपी के इस बड़े शनि मंदिर में लगेगा विशाल मेला

Shanishari Amavasya: शनिश्चरी अमावस्या के दिन दुर्लभ खगोलीय घटनाएं एक साथ घटेंगी। सूर्यग्रहण, शनि का मीन में गोचर और षडग्रही योग के चलते मुरैना के बड़े शनि मंदिर में भव्य मेला लगेगा।

less than 1 minute read
Google source verification
Grand fair will be organized at Aiti Shani temple on Shanishari Amavasya in Morena

Shanishari Amavasya: 29 मार्च को शनिश्चरी अमावस्या के दिन दुर्लभ संयोग बनने जा रहे हैं। इस दिन साल का पहला सूर्यग्रहण पड़ेगा, साथ ही शनिदेव कुंभ राशि से मीन में गोचर करेंगे। इसके अलावा, छह ग्रहों के एक साथ रहने से षडग्रही योग भी बन रहा है। ऐसे विशेष संयोग में मुरैना के ऐती स्थित त्रेतायुगीन शनि मंदिर पर विशाल मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तैयारियां जिला प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे दो स्पेशल ट्रेनें भी चलाएगा।

शनिश्चरी अमावस्या के मेले की तैयारियों को लेकर कलेक्टर अंकित अस्थाना ने शनि मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। उन्होंने पानी की टंकियों की व्यवस्था, पार्किंग सुविधा, रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था, टेंट की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने, ग्वालियर मार्ग पर सड़कों को ठीक कराने, बेरिकेडिंग और मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए नाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़े- अतिक्रमण की चपेट में आया एमपी का 1000 साल पुराना माता मंदिर, नवरात्र से पहले बढ़ी श्रद्धालुओं की चिंता

भारत में नहीं दिखेगा साल का पहला सूर्यग्रहण

शनिश्चरी अमावस्या के दिन 29 मार्च को इस वर्ष का पहला सूर्यग्रहण भी पड़ रहा है। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण दोपहर 2:21 बजे स्पर्श करेगा, 4:17 बजे अपने मध्य चरण में पहुंचेगा और शाम 6:14 बजे समाप्त होगा। हालांकि, यह सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह यूरोप, उत्तरी रूस और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका में देखा जा सकेगा। भारत में ग्रहण दिखाई न देने के कारण इसके सूतक, पालक और धार्मिक नियम मान्य नहीं होंगे।

Story Loader