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गुरु के बिना मानव जीवन प्रारंभ नहीं होता-विनम्र सागर

बड़ा दिगम्बर जैन मंदिर मुरैना में ससंघ विराजमान जैन आचार्य विनम्रसागर महाराज ने कहा कि गुरु के बिना मानव का जीवन प्रारंभ नहीं होता। जो गुरुओं के पास थोड़ी देर भी बैठता है उसका भी उत्थान हो जाता है।

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दिगम्बर जैन मंदिर मुरैना में ससंघ विराजमान जैन आचार्य विनम्रसागर

-विधायक को सम्मान पत्र भेंट करती मंदिर प्रबंधन समिति।

मुरैना. यदि वह गुरुओं को अपने दिल में बसाता है, वाणी का रसपान कराता है, उनकी आज्ञा व आदेश का पालन करता है, उनके जैसा आचरण करता है, तो वह शीघ्र ही सार को प्राप्त करके संपूर्ण जगत को प्रकाशमान करके भवसागर से किनारे पहुंच जाता है। जो गुरुओं को अपना बनाता है अपने परिवार का मुखिया बनाकर सदा सम्मान करता है उस परिवार में कोई भी व्यक्ति बिगड़ता नहीं है, कोई व्यसनी नहीं होता है।
ज्ञानतीर्थ के लिए ससंघ रवानगी कल
बड़ा जैन मंदिर में ससंघ विराजे आचार्य विनम्र सागर महाराज १० फरवरी को एबी रोड स्थित ज्ञानतीर्थ के लिए बिहार करेंगे। सुबह सात बजे से धर्मयात्रा बड़ा जैन मंदिर से निकाली जाएगी। गाजे बाजे के साथ पदयात्रा एबीरोड स्थित ज्ञानतीर्थ पर जाएगी। वहां भगवान आदिनाथ का निर्माण लाडू महोत्सव आचार्य के सानिध्य में मनाया जाएगा। मुनिश्री विनयसागर के 36वें अवतरण दिवस पर आचार्य विनम्रसागर को 36गुरु परिवारों ने अपना गुरु बनाया।