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बीमार के लिए रक्त चाहिए तो बस एक कॉल कीजिए

850 बीमारों को ब्लड डोनेट कर चुके हैं रक्तदान-महादान समिति से जुड़े लोग

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आमजन के सूचनार्थ स्टिकर चिपकाते समिति के पदाधिकारी।

मुरैना. यदि किसी गंभीर बीमार मरीज के लिए रक्त चाहिए तो बस एक कॉल करने की जरूरत है। इसके तुरंत बाद रक्तदान-महादान समिति के कॉर्डिनेटर आपसे संपर्क कर, कम से कम समय में ब्लड का इंतजाम कर देंगे। समिति से जुड़े डोनर इस तरह रक्तदान करके पिछले साढ़े चार साल में तकरीबन साढ़े आठ सौ लोगों की जान बचा चुके हैं।
देश के विभिन्न हिस्सों की तरह मुरैना में भी रक्तदान-महादान समिति सेवाभाव से सक्रिय है। यहां समिति के ३० कार्डिनेटर हैं, जो हमेशा तकरीबन 400 रक्तदाताओं के संपर्क में रहते हैं। जरूरतमंदों की सहायता के लिए समिति ने ग्वालियर में एक कॉल सेंटर स्थापित कर रखा है। वहां टोल-फ्री नंबर (18002332666) पर जब भी कोई कॉल आता है तो ऑपरेटर मरीज की लोकेशन के हिसाब से संबंधित क्षेत्र के कॉर्डिनेटर्स को इसकी सूचना दे देते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर 99263-17251 पर भी रक्त की जरूरत वाले लोगों के कॉल आते हैं। मुरैना में समिति के जिला प्रभारी देवेन्द्रप्रताप शिवहरे के मुताबिक कॉल सेंटर से सूचना मिलते ही हम यह सूचना अपने व्हाट्सएप गु्रप पर डाल देते हैं। अलग-अलग ब्लड ग्रुप वाले डोनर्स की लिस्ट भी है। इनमें से ऐसे लोगों को बुलाया जाता है, जिन्होंने बीते तीन माह में रक्तदान न किया हो। उन्होंने बताया कि समिति से जुड़े लोग पूरे सेवाभाव के साथ रक्तदान करते रहे हैं।
अस्पतालों में चिपकाए स्टिकर
रक्तदान-महादान समिति ने तमाम सरकारी व गैरसरकारी अस्पतालों में स्टिकर भी चिपका रखे हैं। स्टिकर्स पर समिति के उद्देश्य के अलावा कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर सहित एक मोबाइल नंबर तथा लैंडलाइन नंबर भी लिखा हुआ है, ताकि लोगों को इस सुविधा के बारे में जानकारी मिल सके। विश्व रक्तदान दिवस से पूर्व बुधवार को भी समिति के सदस्यों ने शहर में स्टिकर्स चिपकाए।
साबित हो रहे जीवन रक्षक
केस-1
तीन वर्षीय इच्छा श्रीवास 12 अप्रैल को गंभीर रूप से बीमार हुई तो उसे अस्पताल लाया गया। उसे तत्काल बी-पॉजटिव ग्रुप के रक्त की जरूरत थी। ब्लड बैंक में इस समूह का रक्त उपलब्ध नहीं था। रक्तदान-महादान समिति को इस बारे में पता चला तो कॉर्डिनेटर्स ने व्हाटसएप पर मैसेज भेजा। इसके 10 मिनट बाद ही रौनक शर्मा नामक युवा ने रक्तदान करके इच्छा का जीवन बचा लिया।
केस-2
पांच जून को शहर के एक नर्सिंग होम में डिलीवरी के लिए आई भूरी जाटव नामक महिला को ओ-पॉजिटिव ग्रुप के ब्लड की जरूरत पड़ी। उसके गर्भ में जुड़वा बच्चे थे खून की कमी थी, इसलिए डॉक्टर ऑपरेशन करने को तैयार नहीं थे। यह सूचना जब रक्तदान-महादान समिति से जुड़े अतुल जैन को मिली तो वे सबलगढ़ से मुरैना आए और भूरी जाटव के लिए ब्लड डोनेट किया।
आज आधा सैकड़ा लोग करेंगे रक्तदान
समिति से जुड़े आधा सैकड़ा लोग 14 जून को रक्तदान करेंगे। विश्व रक्तदान दिवस पर समिति द्वारा शिवसेना की रक्तवाहिनी के साथ मिलकर जिला अस्पताल में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में इस बार कुछ सरकारी विभागों के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता व अन्य लोगों ने भी रक्तदान के लिए नाम लिखाए हैं।