
मुरैना. किसान ठंड में ठिठुरते कई किमी का सफर करते हुए मंडी परिसर में पहुंच रहा है। उसके बाद भी तुरंत खाद नहीं मिलता। घंटों ठंड में इंतजार करना पड़ता है तब कहीं भारी मशक्कत के खाद मिल रहा है। वह भी आवश्यकता के हिसाब से कम मिलता है तो किसान को दोबारा फिर आना पड़ता है।
यहां बता दें कि प्रशासन ने जिला मुख्यालय पर कृषि उपज मंडी परिसर में डीएमओ गोदाम पर टोकन वितरण की व्यवस्था की गई है। दूर दराज के गांवों से किसान पहले सुबह पांच बजे से ही लाइन में लग जाता है। अगर पहले नहीं पहुंचता तो लाइन में पीछे खड़ा होना पड़ेगा और फिर निश्चित नहीं हैं कि टोकन मिल ही जाए, क्योंकि कई बार हंगामा होने पर बीच में टोकन वितरण बंद कर दिया जाता है। वहीं अगर आठ बजे के बाद किसान आया तो टोकन नहीं मिलेगा और उसको दूसरे दिन फिर से आना पड़ेगा। पिछली साल ठंड के चलते दिसंबर माह में टोकन वितरण बंद कर दिया था, सीधे काउंटर से खाद दिया गया, उसमें काउंटर साढ़े दस बजे के बाद खुलता है, तब तक कुछ ठंड भी कम हो जाती है लेकिन इस बार प्रशासन की मानें तो किसान ही कम नहीं हो रहे, अभी भी रोजाना कम से कम 400 किसान आ रहे हैं, इसलिए टोकन वितरण करना पड़ता है। सोमवार की सुबह 6 बजे पत्रिका प्रतिनिधि ने डीएमओ गोदाम पर देखा तो किसान लंबी लाइन में लगे हुए थे और टोकन मिलने का इंतजार कर रहे थे। 8:10 बजे तहसीलदार की उपस्थिति में टोकन बांटे गए। उसके बाद जो किसान आए, वह लौट गए। टोकन प्राप्त करने वाले कुछ किसान एम पी एग्रो, कुछ सहकारी सोसायटी, कुछ प्राइवेट दुकानों पर चले गए लेकिन करीब 100 किसान डीएमओ गोदाम के काउंटर के बाहर दीवार के सहारे बैठकर सर्द हवाओं से बचाव करते हुए काउंटर खुलने का इंतजार करते रहे।
कथन
Published on:
07 Jan 2025 03:57 pm
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