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महापौर के जाति प्रमाण पत्र का मामला न्यायालय में, 20 को सुनवाई

नगर निगम महापौर शारदा राजेंद्र प्रसाद सोलंकी के जाति प्रमाण-पत्र को आधार बनाकर निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहीं भाजपा प्रत्याशी मीना मुकेश जाटव ने न्यायालय की शरण ली है। इसके आधार पर न्यायालय षष्ठम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरशद अहमद ने महापौर सहित भी महापौर पद प्रत्याशियों को नोटिस जारी किया है।

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महापौर के जाति प्रमाण पत्र का मामला न्यायालय में-मुरैना

नगर निगम कार्यालय- मुरैना

मुरैना. नोटिस के जवाब में पेशी 20 सितंबर को निर्धारित की गई है। याचिका में जाति प्रमाण पत्र की कानूनी वैधता को चुनौती दी गई है।
महापौर पद की निकटतम प्रत्याशी मीना मुकेश जाटव के अनुसार महापौर शारदा सोलंकी का जाति प्रमाण पत्र उत्तरप्रदेश का होना चाहिए था। लेकिन उन्होंने पूर्व में बने जाति प्रमाण पत्र के सहारे ही महापौर पद पर नामांकन पत्र भरा था। याचिका में इसे चुनौती दी गई है। हालांकि महापौर शारदा सोलंकी के अभिभाषक संजय मिश्रा का कहना है कि नामांकन निरस्त कराने का प्रयास जांच के समय भी किया गया था, लेकिन कोई तकनीकी आधार नहीं था। मामला न्यायालय में पहुंचा है, नोटिस जारी हुए हैं तो 20 सितंबर को पेशी के दौरान विधिवत जवाब न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया जाएगा। याचिकाकर्ता ने वर्ष 2014 के बाद के शैड्यूल के आधार पर जाति प्रमाण पत्र को चुनौती दी है, जबकि सोलंकी का प्रमाण पत्र वर्ष 2004 में बना था। मीना के पति मुकेश जाटव का कहना है कि महापौर की दसवीं की अंकसूची को लेकर भी भ्रम की स्थिति है। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तरप्रदेश के सर्वोदय विद्यामंदिर पिनाहट से वर्ष 1986 की महापौर की 10 वीं की जो मार्कशीट जारी की गई है, उसका रोल नंबर 1009025 है। जबकि जो सारणीयन पंजिका जारी हुई है उसमें 1009025 रोल नंबर कोई निरोत्तम सिंह का है। उसका जन्म दिनांक भी इसमें 15 नवंबर 1971 है और वह ज्यादातर विषयों में अनुपस्थित होकर अनुतीर्ण दर्शाया गया है।
विद्यालय प्रबंधन ने भी नहीं की पुष्टि
सूचना के अधिकार के तहत इस संबंध में मीना मुकेश जाटव ने सर्वोदय विद्यामंदिर इंटर कॉलेज, पिनाट, जिला आगरा से इस संबंध में जानकारी मांगी। प्रधानाध्याक ने छह सितंबर को जो संस्था के लेटरहेड पर जो प्रमाणीकरण दिया है, उसमें भी स्थिति स्पष्ट है। प्रधानाध्यापक ने प्रमाणित किया है कि हाईस्कूल व्यक्तिगत की सारणीयन पंजिका की प्रमाणित फोटो प्रति संलग्न है, जिसमें परीक्षार्थी शारदा पुत्री वासदेव, रघुनाथपुरा, पिनाहट, का नाम पंजिका में अंकित नहीं है। प्रधानाध्याक ने यह भी प्रमाणित किया है कि संलग्र अंकपत्र में लेख परीक्षार्थी शारदा पुत्री वासदेव हाईस्कूल परीक्षा व्यक्तिगत, वर्ष 1986 में रोल नंबर 1009025 जन्मतिथि दो अगस्त 1970 का नाम अंकित नहीं है। इसलिए विद्यालय के अभिलेख के आधार पर परीक्षार्थी की जन्मतिथि का प्रमाणीकरण प्रदान नहीं किया जा सकता है। प्रधानाध्याक ने कहा है कि चूंकि विद्यार्थी यहां से 1986 की हाईस्कूल व्यक्तिगत परीक्षा में शामिल ही नहीं हुआ है, इसलिए प्रवेश एवं त्याग संबंधी कोई तथ्यात्मक प्रमाणीकरण प्रदान नहीं किया जा सकता है। महापौर से इस संबंध में संपर्क करने का प्रयास तो बात नहीं हो सकी।
कथन-
जाति प्रमाण पत्र को चुनौती देने वाली मीना मुकेश जाटव की याचिका पर जारी नोटिस का तय तारीख 20 सितंबर को विधिवत जवाब प्रस्तुत कर दिया जाएगा। इसमें हमारा पक्ष कमजोर नहीं है। अंकसूची को लेकर कोई तथ्य हमारे सामने नहीं आया है, आएगा तो उस पर भी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
संजय मिश्रा, महापौर के अभिभाषक, मुरैना।