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डेंगू से नायब तहसीलदार की मौत, मुरैना में अभी तक 213 डेंगू पॉजीटिव

- सबलगढ़ से रेफर किया था ग्वालियर, वहां उपचार के दौरान निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस

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डेंगू से नायब तहसीलदार की मौत, मुरैना में अभी तक 213 डेंगू पॉजीटिव

डेंगू से नायब तहसीलदार की मौत, मुरैना में अभी तक 213 डेंगू पॉजीटिव


मुरैना. सबलगढ़ के बंदरेंटा गांव के रहने वाले रघुनाथपुर श्योपुर में पदस्थ नायब तहसीलदार शिवराज मीणा की डेंगू से शनिवार रविवार की दरम्यानी रात चार बजे मौत होने से गांव में शोक व्याप्त है। उनकी मौत की खबर सुनकर घर पर समाज के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे क्षेत्र के लोग दुखी हैं। दीपावली के त्यौहार पर अपने गांव बदरेंटा आए थे। बुखार आने पर उन्होंने सबलगढ़ में चेकअप कराया, यहां से उनको ग्वालियर रेफर कर दिया। वहां एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इससे पूर्व उन्होंने विजयपुर में चेक कराया था, वहां डेंगू पॉजीटिव आया था। जिले में भी डेंगू के मरीजों ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछली साल सिर्फ नौ मरीज थे, इस बार अभी तक २१३ मरीज डेंगू पॉजीटिव आ चुके हैं।
नायब तहसीलदार के दूर के रिश्तेदार पाीतराम रावत ने बताया कि शिवराज मीणा पर समाज को नाज था। उनके पिता पहले ही गुजर चुके हैं। उनकी १४ साल पूर्व शादी हुई थी। लेकिन उनके कोई संतान नहीं थी। इसलिए भाई के बच्चा व बच्ची को अपने साथ रखकर पढ़ा रहे थे।
शिक्षक से बने नायब तहसीदार .......
शिवराज मीणा अपने पिता की तीन संतान में एक हैं, जो पढ़ाई में हमेशा से ही अब्बल रहे। करीब आठ नौ साल तक शिक्षक रहे। उसके बाद उन्होंने पीएसपी की परीक्षा फाइट की और करीब छह साल पहले नायब तहसीलदार के लिए उनका चयन हुआ। उसके बाद वह श्योपुर, बड़ौदा और कराहल के प्रभारी तहसीलदार रहे। वर्तमान में यह वीरपुर तहसील की उप तहसील रघुनाथपुर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। स्वर्गीय मीणा के दुखद निधन से समूचे क्षेत्र और प्रशासनिक हलके में शोक की लहर दौड़ गई।
आज जाएंगी स्वास्थ्य विभाग की टीम .......
नायब तहसीलदार की डेंगू से हुई मौत को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम सोमवार को उनके गांव बदरेंटा सबलगढ़ जाएगी। वहां परिजन व आसपास के करीब एक सैकड़ा परिवारों में लोगों का चेकअप होगा और डेंगू लार्वा चेक किया जाएगा। अगर लार्वा मिलता है तो उसको नष्ट किया जाएगा।
कथन
- नायब तहसीलदार शिवराज मींणा की डेंगू से ग्वालियर में मौत हुई। उनकी जांच विजयपुर में हुई थी, वहां वह डेंगू पॉजीटिव आए थे। दीपावली के त्यौहार पर वह अपने गांव बदरेंटा आए थे। वहां स्वास्थ्य खराब होने पर उन्होंने सबलगढ़ में चेकअप कराया। यहां से उनको ग्वालियर रेफर किया गया। वहां एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर जाएगी। वहां चेकअप किया जाएगा।
डॉ. गिर्राज गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी, मुरैना