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मेला में इस बार न टॉयलेट, न पर्याप्त शौचालय

लघुशंका व शौच के लिए परेशान हो रहे दुकानदार, मेला के आसपास फैली हुई है गंदगी

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गंदगी के बीच अनुपयोगी खड़े चलित शौचालय।

मुरैना. मेले में इस बार नगर निगम ने शौच तथा लघुशंका जैसी सुविधाओं का इंतजाम नहीं किया है। नतीजा यह कि बाहर से आए दुकानदार और प्रतिदिन मेला देखने को आने वाले हजारों लोग परेशान हो रहे हैं। इसके अलावा मेले के इर्द-गिर्द गंदगी फैल रही है सो अलग। समस्या की जानकारी नगर निगम के जिम्मेदार लोगों को भी है, लेकिन पिछले 20-22 दिन से इसे जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है।
पशुपतिनाथ महादेव मेला में इस बार भी तकरीबन डेढ़ हजार लोग बाहर से व्यवसाय करने आए हैं। नगर निगम ने इन्हें भाड़े पर जगह तो उपलब्ध कराई है, लेकिन इनके लिए शौच अथवा लघुशंका की पुख्ता व्यवस्था नहीं की है। आलम है कि इस व्यवस्था के नाम पर स्टेडियम से संजय पार्क की ओर जाने वाले स्थान पर दो चलते-फिरते शौचालय रखे गए हैं, लेकिन इनमें पानी उपलब्ध नहीं है, इसलिए गंदगी के कारण ये उपयोगी नहीं हैं। गंभीर तथ्य यह है कि दुकानदारों को लघुशंका के लिए उचित व्यवस्था देने तक की जरूरत नगर निगम ने महसूस नहीं की है। ऐसे में अधिकांश दुकानदार दूर तक चलकर बस स्टैंड परिसर स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स में शौच के लिए जा रहे हैं। समस्या यह है कि दुकानदारों की संख्या अधिक होने के कारण सुलभ शौचालय में भीड़ रहने लगी है। वहीं दुकानदारों को इसके लिए पांच रुपए शुल्क भी देना पड़ रहा है। वहीं लघुशंका से वे लोग मेला के आसपास सड़कों पर ही निवृत हो रहे हैं। इस वजह से सड़कों पर फैली गंदगी किनारे बनी दुकानों में भर रही है और वहां दिनभर दुर्गंध की समस्या भी बनी रहती है।
महिलाओं को अधिक समस्या
मेला में शौच व लघुशंका की पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण सर्वाधिक समस्या महिला व्यवसायियों को आ रही है। बता दें कि मेला में आए व्यवसायियों के साथ तकरीबन ढाई-तीन सैकड़ा महिलाएं भी हैं। चूंकि मेला में लघुशंका के लिए भी उचित जगह उपलब्ध नहीं है, इसलिए इन महिलाओं को दिनभर परेशानी उठानी पड़ती है।
क्या कहते हैं दुकानदार
ऐसा पहली बार हुआ है कि मेला में दुकानदारों के लिए टॉयलेट नहीं बनवाए गए हैं। इस वजह से बहुत परेशानी हो रही है।
सोनू सिकरवार, खिलौना विक्रेता
लोग सड़कों के किनारे लघुशंका से निवृत हो रहे हैं। इसलिए जो दुकानें सड़कों से सटी हैं, उनमें गंदगी भर रही है। दुर्गंध भी उठती रहती है।
पापू कुमार, क्रॉकरी व्यवसायी
दुकानदारों को शौच के लिए सुलभ कॉम्प्लेक्स में जाना पड़ रहा है। वहां भीड़ रहती है, और प्रति व्यक्ति पांच रुपए शुल्क भी लगता है।
आलोक भदौरिया, गर्म कपड़ा विक्रेता
हम लोग अपनी समस्या के बारे में नगर निगम के लोगों को बता चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब तो मेला खत्म ही होने वाला है।
राजकुमार टेलर, बैग विक्र्रेता
कथन
हमने दो चलित शौचालय मेला में रखवाए हैं। यदि फिर भी कोई दिक्कत है तो दिखवा लेते हैं। लघुशंका की व्यवस्था जरूर कमजोर है। यदि इस वजह से सड़कों पर गंदगी हुई है तो हम फिनायल डलवा देते हैं।
डॉ. जगदीश टैगोर, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम