
-पीओ को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से लिखा गया पत्र
मुरैना. मनरेगा में अनुपयोगी कार्योंं और मनमानी श्रमिक संख्या के साथ श्रमिक और सामग्री के अनुपात में धांधली के मामले सिद्ध हो चुके हैं। इसके बाद परियोजना अधिकारी तिलक सिंह के विरुद्ध शिकायतों का दौर शुरू हुआ। सांसद रहते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस संबंध में 22 मार्च को मुख्मयंत्री को पत्र लिखा था। मुख्यमंत्री कार्यालय से अप्रैल के प्रथम सप्ताह में पत्र लिखा गया। इस पत्र में सिंधिया के पत्र का हवाला देकर नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखा गया। इसके लिए 15 दिन की समय सीमा भी निर्धारित की गई थी, लेकिन कोई जांच प्रतिवेदन अब तक नहीं आया है। वहीं पांच ग्राम पंचायतों में मतदाताओं की कुल संख्या से करीब आठ हजार मजदूर अधिक दर्शाकर रोज औसतन 16 लाख रुपए के प्रमाणित घपले को भी दबाने का प्रयास किया जा रहा है। पत्रिका ने 15 जुलाई को यह मामला उठाया था। मप्र रोजगार गारंटी परिषद ने इस मामले में कार्रवाई के लिए लिखा था। इसके जवाब में सीइओ ने अनुशासन की कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन ३ अगस्त को केवल ग्राम पंचायत सिलावली के सचिव सुरेंद्र शर्मा को ही निलंबत किया गया है। जबकि पहाडग़ढ़ ेमेें ग्राम पंचायत बहरारा-जागीर, पोरसा की ग्राम पंचायत रायपुर, सबलगढ़ की सेमना और बनवारा में भी गड़बड़ी थी। सेमना में कार्रवाई के नाम पर जीआरस को पद से हटाया गया है। यहां किसी भी सरपंच के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। मनरेगा के परियोजना अधिकारी तिलक सिंह का कहना है कि बाकी लोगों के खिलाफ कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
मतदाताओं और श्रमिकों की कहां क्या स्थिति
मतदाताओं और श्रमिकों की कहां क्या स्थिति
ब्लॉक पंचायत मतदाता मजदूर
पहाडग़ढ़ बहरारा- जागीर 1287 3834
पोरसा सिलावली 3368 3933
पोरसा रायपुर 5433 6252
सबलगढ़ सेमना 1147 3986
सबलगढ़ बनवारा 2511 2889
Published on:
30 Aug 2021 09:33 pm
बड़ी खबरें
View Allमुरैना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
