
जिला मुख्यालय पर संचालित चिलर सेंटर, दूध डेयरियों पर संभागीय उड़नदस्ता टीम ने मंगलवार को छापामार कार्रवाई की। इस दौरान पांच प्रतिष्ठानों व टैंकरों से सपरेटा व मिश्रित दूध सहित पनीर के 10 सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे गए।
संभागीय उड़नदस्ता प्रभारी लोकेंद्र सिंह, भिंड के अवनीश गुप्ता, मुरैना के महेंद्र सिरोहिया, ग्वालियर की निरूपमा शर्मा की टीम सबसे पहले बीटीआई रोड पर स्थित मुंशीलाल बघेल की रामू डेयरी पर पहुंचे। यहां से मिश्रित व सपरेटा दूध के 2 सैंपल भरे गए। वहीं एबी रोड स्थित हरीशंकर शर्मा की डेयरी से मिश्रित दूध व पनीर का एक-एक सैंपल, इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित रजनीश कुमार की सर्व विद्या डेयरी पर मिली तीन गाड़ियों व प्लांट से मिश्रित दूध के पांच सैंपल लिए। यही स्थित वीआरएस फूड इंडस्ट्रीज से मिश्रित दूध के दो तथा प्रहृलाद कुशवाह की प्रहृलाद डेयरी पर खड़े टैंकर नंबर आरजे-11-जी-0869 से भी मिश्रित दूध का नमूना लिया, जो वीआरएस चिलिंग सेंटर पर खड़ा हुआ था।
आजकल इनकी होती है मिलावट
आजकल दूध में ऐसे केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं और जान पर भी भारी पड़ सकते हैं। ये केमिकल हैं यूरिया, डिटर्जेंट, फार्मेलिन, कास्टिक सोडा, बोरिक एसिड, हाइड्रोजन पराक्साइड, शुगर और मेलामाइन। वहीं इन दिनों दूध में माल्टोडेक्सट्रिन की मिलावट भी बढ़ी है। ऐसे में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एफएसएसआई के बताए ये टिप्स जरूर पढ़ें और ट्राइ करके देखें कहीं आपके बच्चे तो मिलावट वाला दूध नहीं पी रहे...
जानें क्या है माल्टोडेक्सट्रिन
माल्टोडेक्स्ट्रिन एक तरह का पाउडर है, इसमें स्टार्च मिला होता है। इस केमिकल का इस्तेमाल दूध को खराब होने से बचाने से लेकर थिकनेस और टेस्ट बढिय़ा करने के लिए किया जाता है। माल्टोडेक्सट्रिन का इस्तेमाल कैंडी, सॉफ्ट ड्रिंक, केक, पेस्ट्री जैसी चीजों में किया जाता है।
कैसे बनता है माल्टोडेक्सट्रिन, कैसे करें चेक
* इसे मकई, आलू, गेहूं और चावल से बनाया जाता है। पाउडर फार्म में आने वाले इस केमिकल को स्टार्च से तैयार किया जाता है।
* एफएसएसएआई के अनुसार इसे पहचानने के लिए किसी ट्यूब में 5 मिली तक दूध लें। फिर इसमें 2 मिली आयोडीन रिजेंट मिक्स करें। इसे मिलाने के साथ ही दूध का कलर ध्यान से देखें।
* यदि दूध में माल्टोडेक्स्ट्रिन की मिलावट हुई तो दूध का कलर बिल्कुल गहरा भूरा, चॉकलेट जैसा हो जाएगा।
*वहीं दूध में मिलावट ना होने पर ये हल्का भूरा रंग का दिखाई देगा।
पानी की मिलावट
* दूध में पानी की मिलावट सेहत को सीधे तौर पर नुकसान नहीं पहुंचाती, हां लेकिन न्यूट्रिशन्स की कमी जरूर बढ़ाती है।
* दूध में पानी की मिलावट चेक करने के लिए दूध की कुछ बूंदें प्लेन सतह वाले बर्तन पर डालें अब बर्तन को कुछ टेढ़ा करें।
* दूध तेजी से नीचे गिर जाता है तो इसका मतलब है कि इसमें पानी की मिलावट की गई है।
* अगर दूध रुक-रुक कर गिरे तो पानी की मिलावट कम है।
Updated on:
03 Jan 2024 03:08 pm
Published on:
03 Jan 2024 03:04 pm
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