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बीहड़ सफारी शुरू, पहले दिन पहुंचे 100 से ज्यादा पर्यटक

- चंबल नदी के कढ़ावना घाट पर शुरु हुई पर्यटकों के लिए बीहड़ सफारी- ढलते सूरज में मानो निखर उठा हो बीहड़ों का सौंदर्य

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मुरैना। चंबल नदी व उसके बीहड़ों का सौंदर्य अब देश-विदेश के पर्यटक भी देख सकेंगे। रविवार से यहां बीहड़ सफारी की शुरुआत की गई। पहले ही दिन राजस्थान, ग्वालियर, मुरैना, आगरा सहित अन्य जगहों से 100 से ज्यादा पर्यटक पहुंचे। बीहड़ सफारी का आनंद उठाने के लिए टूरिस्ट अपने निजी वाहनों से सबलगढ़ से झुंडपुरा तक पहुंचे। यहां मुख्य मार्ग से थार जीप के जरिए पर्यटकों को चंबल के 10 किमी ऊबड़-खाबड़ बीहड़ों का नजारा दिखाते हुए कढ़ावना घाट ले जाया गया।

ऊंट की सवारी और सनसेट का नजारा देखा
चंबल के कढ़ावना घाट पर पर्यटकों ने जहां सनसेट का शानदार नजारा देखा। वहीं पारंपरिक परिधान पहनकर ऊंट की सवारी का भी आनंद उठाया। बता दें कि बीहड़ सफारी का मैनेजमेंट कर रही कंपनी ने टूरिस्ट के लिए चाट-पकौड़ी, स्थानीय व्यंजन जैसे दाल-टिक्कर जैसे लजीज भोजन की स्टॉल भी लगाई थी।

एक हजार रुपए में ऑनलाइन होगी बुकिंग
देशभर से आने वाले टूरिस्ट अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से एक हजार रुपए शुल्क देकर इसकी बुकिंग करा सकेंगे। इस टूर में टूरिस्ट को झुंडपुरा नगर पंचायत होते हुए ग्राम पंचायत कढ़ावना ले जाया जाएगा। यहां से कबीर धाम होते हुए बीहड़ सफारी कराई जाएगी।

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रोजगार की होगी उत्पत्ति
ज्ञात हो कि चंबल के क्षेत्रों में सबसे खास बात ये है कि यहां रेत का अवैध उत्खनन होता था, ऐसे में अब यहां बीहड़ सफारी रोजगार मुहैया कराएगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार स्थानीय युवाओं को ही यहां पर्यटकों को यहां के इतिहास के साथ ही महत्व की चीजें बताने के लिए गाइड भी बनाया जाएगा। खास बात ये है कि पर्यटकों के लिए डकैतों की ड्रेस व नकली बंदूकें रहेंगी, जिसे पहनकर पर्यटक बीहड़ में फोटो सेशन करा सकते हैं।

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