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30 लाख रुपए में बेची सरपंची ! केवल साइन करती हैं सरपंच, सील दूसरे के पास

ग्राम पंचायतों में आरक्षित श्रेणियों से निर्वाचित सरपंचों और खास तौर महिला जनप्रतिनिधियों की बेवशी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। ताला मामला जनपद पंचायत पोरसा की ग्राम पंचायत नंदपुरा का है। यहां ओबीसी वर्ग से निर्वाचित महिला सरपंच की हस्ताक्षर के अधिकार तो हैं, लेकिन पदमुद्रा अंकित करने के अधिकार नहीं। पदमुद्रा गांव के ही दबंग व्यक्ति के पास है। इसका खुलासा तीन दिन पूर्व हुआ है।

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30 लाख रुपए में बेची सरपंची-मुरैना

30 लाख रुपए में बेची सरपंची

पोरसा/मुरैना. शिकायत के बाद जहां जनपद पंचायत अध्यक्ष ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। जानकारी के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी का प्रमाण-पत्र बनवाने के आवेदन पर हस्ताक्षर करवाने ग्राम पंचायत क्षेत्र के गांव खरिया का युवक सुमित सिंह तोमर सरपंच के घर गया। सरपंच ने हस्ताक्षर तो कर दिए, लेकिन सील के लिए कोई भंवर सिंह के घर जाने को बोला। जब युवक ने कहा कि सरपंच तो आप हो फिर सील लगवाने दूसरे के घर क्यों जाएं। शिकायत के अनुसार तब सरपंच ने कहा कि उन्होंने सरपंची 30 लाख रुपए में बेच दी है। यह भी कहा कि जहां शिकायत करनी हो, कर दो। इसके बाद 31 अक्टूबर को सुमित सिंह तोमर ने जनपद पंचायत अध्यक्ष अनुराधादेवेश सिंह तोमर से शिकायत की।
अध्यक्ष ने लिखा सीइओ को पत्र
शिकायत के बाद जनपद पचंायत अध्यक्ष ने अनुराधा तोमर ने सीइओ को लिखे पत्र में कहा कि सरपंच ने अपने पद, कार्यकाल व शील ग्राम पंचायत नंदपुरा के भंवर सिंह के सुपुर्द कर नागरिकों को परेशान किया जा रहा है। छोटे कार्यों के लिए भी जनता को घुमाया जा रहा है, ताकि मजबूर होकर लोग भंवन सिंह के दरवाजे पर जाएं। ऐसी ही एक शिकयत सुमित सिंह तोमर के नाम से आई है। शिकायत की जांच में सत्यता पाए जाने पर सरपंच के विरुद्ध मप्र पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 के तहत पद से पृथक करने की कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
इन बिंदुओं पर लिखा जांच को
-क्या सरपंच पद की शील सरपंच के पास है या भवंर सिंह और उनके लड़कों के पर है।
-क्या ग्राम पंचायत की मीटिंग में सरपंच की अध्यक्षता में कार्यवाही होती है, या भंवर सिंह और उनके लड़के करते हैं।
-क्या जनपद में ग्राम के विकास कार्यों के लिए सरपंच उपस्थित होती हैं या भंवर सिंह और उनके लड़के।
-क्या ग्राम पंचायत में किए गए कार्यों को सरपंच संगीता श्रीवास करवाती हैं या भंवर सिंह व उनके लड़के।
क्या कहा गया है नोटिस में
सीइओ के नोटिस में सरपंची बेचे जाने संबंधी शिकायत पर जारी नोटिस में कहा गया है कि शिकायत के वर्णन के अनुसार आप सरपंच पद के दायित्वों का निर्वहन करने में अक्षम हैं। आपका यह कृत्य पदीय दायित्वों के विपरीत होने से क्यों न आपको मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा-40 के तहत पद से प्रथक करने की कार्रवाई की जाए। तीन दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर एक पक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कथन-
दीपावली की सफाई में सील कहीं गुम हो गई है, मिल नहीं रही थी, इसलिए नहीं लगाई। आवेदन लेकर आने वाला कह रहा था, शिकायतें करेंगे, इसलिए बोल दिया कि कर दो शिकायत, सरपंची तो हम ही कर रहे हैं।
संगीता श्रीवास, सरपंच, ग्राम पंचायत, नंदपुरा।
-ग्राम खेरिया के सुमित सिंह तोमर ने शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत नंदपुरा की सरपंच संगीता की सील भंवर सिंह के पास रहती है। सरपंच ने सरपंची बेच दी है, इसलिए सीइओ जिला पंचायत को जांच करवाने के लिए पत्र लिखा है।
अनुराधादेवेश सिंह तोमर, अध्यक्ष, जनपद पंचायत पोरसा।
-जनपद पंचायत पोरसा से अध्यक्ष का एक पत्र ग्राम पंचायत नदंपुरा की सरपंच द्वारा सरपंची बेचे जाने के संबंध में मय मूल शिकायती आवेदन के मिला था। सरपंच को नोटिस जारी कर पत्र प्राप्त होने के तीन दिन में जवाब मांगा गया है। इसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा।
आरके गोस्वामी, प्रभारी सीइओ, जिला पंचायत, मुरैना।