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जातिभेद मिटाकर प्रत्येक हिन्दू को संगठित रहने की आवश्यकता

- बजरंग दल की निकली भव्य शौर्य यात्रा

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जातिभेद मिटाकर प्रत्येक हिन्दू को संगठित रहने की आवश्यकता

जातिभेद मिटाकर प्रत्येक हिन्दू को संगठित रहने की आवश्यकता

मुरैना. बजरंग दल की शौर्य यात्रा 25 दिसंबर रविवार को दोपहर 2 बजे चंबल कॉलोनी पार्क से निकाली गई। जिसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ता पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहें। इस अवसर पर बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दोनेरिया, विश्व हिन्दू परिषद के मुरैना जिला अध्यक्ष सुनील चावला एवं जिला मंत्री डॉ. पंकज गुप्ता ने बाल्मिक समाज के भाइयो के पैर धोकर समरसता का परिचय दिया। प्रान्त संगठन मंत्री खगेन्द्र भार्गव एवं सभी मंचासीन अतिथियों ने भगवान श्री राम दरवार व भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यात्रा के दौरान पूरा शहर जय श्रीराम और वंदे मातरम के नारों से गुंजायमान रहा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संयोजक दोनेरिया एवं प्रांत संयोजक भार्गव का उदबोधन रहा जिसमें उन्होंने कहा कि हम हिन्दुओं का गौरवशाली इतिहास रहा है। श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन में जितने भी बलिदानी रहे उन सभी ने अपनी छाती पर गोली खाई आज जातिभेद मिटाकर प्रत्येक हिन्दू को संगठित रहने की आवश्यकता है। शौर्य यात्रा चंबल कॉलोनी से एम एस रोड, बाजार के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए बी आर गार्डन नैनागढ़ रोड पर संपन्न हुई। यात्रा का कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। एम एस रोड पर म प्र पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के चेयरमेंन रघुराज कंषाना व उनके समर्थक एवं भाजपा नेता सुरतीत महाराज सिंह मावई सहित अन्य लोगों ने पुष्पा वर्षा कर स्वागत किया।
कदम ताल मिलाते हुए सडक़ पर निकले नन्हें स्वयंसेवक
मुरैना.राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन रविवार को मुरैना शहर के फाटक बाहर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर से निकाला गया। पथ संचलन में नन्हें बालकों ने भाग लिया। इस अवसर पर पथ संचलन का पुष्प बरसाकर स्वागत किया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शीत शिविर शनिवार की शाम से सोमवार की दोपहर तक आयोजित हो रहा है। शिविर में अठारह साल से कम उम्र के बच्चे भाग ले रहे हैं। रविवार की शाम 4 बजे बालकों का पथ संचलन निकाला गया। पथ संचलन फाटक बाहर के मुख्य मार्ग से होते हुए पुल तिराहा होते हुए बड़ोखर माता मंदिर तक पहुंचा। वहां से वापस होते हुए शिविर स्थल पर आकर समाप्त हुआ। इस दौरान पथ संचलन पर लोगों ने फूल बरसाए। पथ संचलन में शामिल बच्चे अपने हाथों में दंड लेकर चल रहे थे।