
करहधाम के भंडारे में प्रसादी ग्रहण करने आए श्रद्धालु।
मुरैना. पटिया वाले बाबा के स्थान करहधाम में सात दिन से आयोजित सियपिय मिलन समारोह का गुरुवार को विशाल भंडारे के साथ समापन होगा। बुधवार को भी करीब दो लाख श्रद्धालुओं से भंडारे में प्रसादी ग्रहण की। श्रद्धालुओं द्वारा ही प्रबंधन वाला यह अंचल का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। रोज एक से दो लाख श्रद्धालु भंडारे में शामिल हो रहे हैं।
बाबा पटिया वाले (करहधाम) के चरण सेवक अरविंद घुरैया के अनुसार एक सप्ताह के सियपिय मिलन समारोह का 24 फरवरी को समापन है। समारोह के समापन पर आयोजित भंडारे में तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के प्रसादी ग्रहण करने का अनुमान है। दोपहर १२ बजे के पहले से ही पंगत बैठना शुरू हो जाएंगी। आसपास की ग्राम पंचायतों के लोगों को व्यवस्था की खास जिम्मेदारियां दी जाती हैं। सामान्य तौर पर व्यवस्था में पूरा जिला, प्रदेश और देश भर से आने वाले श्रद्धालु भी हाथ बंटाते हैं। अंतिम भंडारे के दिन एक-एक खाने के सामान की व्यवस्था एक-एक पंचायत के लोगों को दी जाती है। लोग आपस में ही धनराशि का भी सहयोग करते हैं।
डेढ़ सौ से ज्यादा पंडित कर रहे विभिन्न पाठ
सियपिय मिलन समारोह में प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों में सुबह आठ से दोपहर बाद चार बजे तक भागवत, रामायण, दुर्गा सप्तसती सहित विभिन्न पाठ हो रहे हैं। इनमें विद्वान पंडित वृंदावन धाम से पधारे हैं। संत राजेंद्र दास के सात दिन प्रवचन हो रहे हैं। रोज रासलीला हो रही है। वर्षों से हो रही अखंड रामधुन खास है।
कुएं के पानी से हो जाते हैं रोग दूर
करधाम परिसर में पटियावाले बाबा तप स्थल पर दसकों से अखंड रामधुन हो रही है। वहीं इसके पास में स्थित एक कुएं के पानी से लोगों के रोग दूर हो जाते हैं। खास तौर स कुत्ते के काटने पर लोग उसके जहर के प्रभाव से बचने के लिए इस कुएं के पानी से स्नान करते हैं। बाबा पटियावाले के परम रामभक्त होने से इस कुएं को सरयू का नाम दिया गया है।
Published on:
23 Feb 2022 09:51 pm
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