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भोपाल से आई टीम और कलेक्टर को शहर के आठ वार्डो में मिली गंदे पानी की समस्या

आयुक्त बोले: शहर में जहां भी नाले के अंदर कनेक्शन हैं, उन्हैं शिफ्ट किया जाएगा और गंदे पानी की शिकायत मिलने पर तुरंत दुरस्त करेंगे, मुख्य अभियंता ने कहा, रुटीन चेकअप होते रहने चाहिए

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मुरैना. इंदौर में गंदा पानी पीने से हुई लोगों की मौत के बाद शासन व प्रशासन की नींद खुल गई है। इसी के चलते भोपाल से आई मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की टीम ने कलेक्टर, कमिश्नर के साथ पूरे अमले ने शहर की उन बस्तियों का भ्रमण किया, जहां गंदे पानी की शिकायत मिल रही थी। लोगों ने अधिकारियों के सामने कहा कि साहब! पूर्व में कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।


नगर निगम आयुक्त ने यह बात स्वीकारी कि शहर के आठ ऐसे वार्ड हैं, जहां वर्तमान में गंदे पानी की समस्या है, उसको दुरस्त करवा रहे हैं। भोपाल से आई टीम के अधिकारियों ने कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के साथ बस्तियों में निरीक्षण किया और जहां- जहां गंदे पानी की शिकायत मिलीं, वहां तुरंत दुरस्त कराकर लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के निर्देश मौके पर ही निगम आयुक्त को दिए। निरीक्षण के दौरान पाइपलाइन, वाल्व, संभावित लीकेज बिंदुओं तथा जल की गुणवत्ता की बारीकी से निरीक्षण किया गया।

गणेशपुरा एवं सिंगल बस्ती में आकस्मिक निरीक्षण

कलेक्टर ने मुरैना शहर के वार्ड क्रमांक 34 अंतर्गत गणेशपुरा तथा वार्ड क्रमांक 20 अंतर्गत सिंगल बस्ती का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पेयजल वितरण व्यवस्था का जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरवासियों को शुद्ध एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिले तथा शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नगर निगम के माध्यम से यदि गंदे पानी की कोई भी शिकायत प्राप्त होती है, तो उसका तत्काल निराकरण संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाए एवं टूटी हुई पाइपलाइनों एवं लीकेज को तुरंत दुरुस्त किया जाए। जिन क्षेत्रों में टंकियों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है, वहां टंकियों की सफाई प्राथमिकता से कराई जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के मैदानी अधिकारी निरंतर भ्रमण कर अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल संबंधी शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करें। वार्ड क्रमांक 34 गणेशपुरा में कलेक्टर रघुवरदयाल पुत्र स्व. सुखलाल के निवास पर पहुंचे। उन्होंने वहां पानी की मोटर चालू कराकर जल की जांच की और स्वयं ग्लास में पानी पीकर परीक्षण किया। पानी शुद्ध पाए जाने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।

छह माह में हुई सीएम हेल्पलाइन की निकाली जाएगी सूची

कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि पिछले छह माह में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज गंदे पानी से संबंधित शिकायतों की सूची निकालकर संबंधित घरों तक पहुंचा जाए और उनका शीघ्र निराकरण किया जाए। अगर इंदौर हादसा न होता तो इन शिकायतों पर संभवतह इतनी गंभीरता नहीं बरती जाती।

लोग बोले: दो जगह चोक है सीवर लाइन

कलेक्टर अमले के साथ सिग्नल बस्ती में पहुंचे तो लोगों ने शिकायत की, लंबे समय से दो जगह सीवर लाइन चोक है, कई बार निगम में शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं की, तब कलेक्टर ने निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि इस समस्या का तुरंत निराकरण करें।

आयुक्त स्वयं जांच करेंगे पेयजल की गुणवत्ता

कलेक्टर ने कहा कि नगर निगम आयुक्त एवं नगरी निकायों के सीएमओ प्रतिदिन प्रात: 6 बजे से जलापूर्ति के दौरान पेयजल की गुणवत्ता की स्वयं जांच करें। नाले-नालियों की सफाई की प्रत्यक्ष स्थल पर मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में पेयजल पाइपलाइन में गंदे पानी के मिश्रण की आशंका हो, तो सुधार कार्य पूर्ण होने तक उस पाइपलाइन का उपयोग बंद रखा जाए और संबंधित क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।


बैठक में की गंदे व दूषित पेयजल की शिकायतों क समीक्षा

शहर में गंदे एवं दूषित पेयजल की लगातार मिल रही शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए गए हैं। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड की अध्यक्षता में सोमवार को कार्यालय कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष, मुरैना में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य शहर के विभिन्न वार्डों में दूषित पानी की शिकायतों का त्वरित एवं स्थायी निराकरण सुनिश्चित करना रहा। बैठक में मुरैना शहर के 47 वार्डों में प्राप्त गंदे पानी, पाइपलाइन लीकेज, सीवर प्लान एवं नल-जल योजना से संबंधित शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिवार को काला, दूषित अथवा अस्वच्छ पानी प्राप्त नहीं होना चाहिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नल-जल योजना की पाइपलाइन डालते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि अन्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त न हों। यदि किसी कारणवश पाइपलाइन टूटती है, तो उसे शीघ्र सुधारना अनिवार्य होगा।

ये बोले जिम्मेदार

निगम को निर्देशित किया है जहां- जहां पाइप लाइन लीकेज हैं, उनको दुरस्त किया जाए, जहां पाइप लाइन नालों से निकली हैं, उस नाले की सफाई कराई जाए या फिर लाइनों को शिफ्ट किया जाए।

लोकेश कुमार जांगिड़, कलेक्टर, मुरैना

शहर के आठ वार्डों में गंदे पानी की समस्या है, जहां शिकायत मिल रही हैं, वहां निरीक्षण कर रहे हैं, अलग से टीम भी बना रहे हैं, जो नियमित चेक करती रहेगी।

सतेन्द्र धाकरे, आयुक्त, नगर निगम