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पानी का होद और खनोटे पड़े थे खाली, दो दर्जन गोवंश की मौत

- देवरी गोशाला में दो दिन से चारा पानी की व्यवस्था ठप- भूख, प्यास व ठंड से तड़पता गोवंश, जिम्मेदार कुंभकर्णी निद्रा में- प्रशासन के साथ हिंदू संगठनों ने भी मुंह मोड़ा

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पानी का होद और खनोटे पड़े थे खाली, दो दर्जन गोवंश की मौत

पानी का होद और खनोटे पड़े थे खाली, दो दर्जन गोवंश की मौत



मुरैना. नगर निगम के आधिपत्य वाली देवरी गोशाला में पिछले दो दिन से भूसा, पानी की व्यवस्था ठप पड़ी है। गोदाम पूरी तरह खाली पड़ा है। पत्रिका प्रतिनिधि ने शनिवार को सुबह दस बजे गोशाला परिसर में देखा कि पानी का होद और खनोटे (चारा डालने वाला स्थान) खाली पड़े थे। परिसर में पहुंचने पर सैकड़ों गोवंश खनोटे पर पहुंच गया, उसको लगा कि हमारे लिए चारा आ गया है लेकिन खनोटे पूरी तरह साफ पड़े थे। उनको देखकर लग रहा था कि न जाने कितने दिन से गोवंश को भूसा डाला ही नहीं गया हो। ऊपर से हो रही लगातार बारिश से गोवंश बेहद पीड़ा में हैं। भूख, प्यास व ठंड से तड़प तड़प कर दो दर्जन गोवंश ने दम तोड़ दिया है। शनिवार की सुबह गोशाला परिसर में खड़ी दो ट्रॉलियों में करीब दो दर्जन गोवंश मृत अवस्था में भरकर ले जाया जा रहा था। उनको गोशाला परिसर के पिछले हिस्से में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। गोशाला की व्यवस्थाओं को लेकर नगर निगम, स्थानीय प्रशासन, पूर्व में गठित की गई कमेटी और हिंदू संगठनों के जिम्मेदार मूंकदर्शक बने हुए हैं। विडंवना है कि बाजार में एक गोवंश मरता है तो हो हल्ला मचा दिया जाता है यहां दर्जनों गोवंश अभी तक मर चुका है, किसी हिंदूवादी संगठन ने आवाज तक नहीं उठाई है। गोशाला में गोवंश तो रोजाना मर रहा है लेकिन सुबह कोई पहुंचे उससे पहले ही वहां का स्टाफ अंदर ही मृत गोवंश को दफना देता है। गोशाला परिसर कब्रिस्तान बन गया है।
देवरी गोशाला के रिकॉर्ड में वर्तमान में ३५०० से अधिक गोवंश है लेकिन बमुश्किल १५०० से २००० के बीच गोवंश होगा। उसके बाद भी भूसा की व्यवस्था नहीं हो रही है। अभी तक गोवंश को सूखा भूसा मिलता था, अब वह भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है। गोदाम खाली पड़ा है। एक बार में एक ट्रक पहुंचता है, वह एक बार में खत्म हो जाता है। जो गोदाम में करीब दो चार ट्रक भूसा हर समय रहे तो कुछ हद तक उनको पेट भरा जा सकता है। लेकिन जब पहुंचता तो वह पर्याप्त नहीं हो पाता।
दो दिन से बिजली व्यवस्था ठप.......
देवरी गोशाला परिसर में दो दिन से बिजली सप्लाई ठप पड़ी है। इसलिए वहां मोटर नहीं चल पा रही है और गोवंश के लिए पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। गोशाला के जिम्मेदार अगर प्रयास करते तो नगर निगम से पानी के टैंकर भी मंगवाए जा सकते थे लेकिन बिजली सप्लाई शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
तीन दिन से नहीं बैठ रहा गोवंश ...........
देवरी गोशाला परिसर में गोवंश के लिए बैठने तक की जगह नहीं हैं। पिछले कुछ दिन से हो रही लगातार बारिश से पूरा परिसर कीचड़ व दलदल में तब्दील हो गया है। गोवंश की स्थिति यह है कि जरा सी जमीन भींग गई तो वह बैठ नहीं सकता। वह सूखी जमीन पर ही बैठता है। पिछले दो तीन दिन से हो रही लगातार बारिश से ठंड भी बढ़ गई है। एक तरफ गोवंश को चारा पानी नहीं मिल पा रहा है और ऊपर से बैठ नहीं पा रहा है, वहीं ठंड से बेहाल है इसलिए उसकी मौत हो रही है। कई गोवंश मरणासन्न हालत में हैं।
दानदाताओं आगे नहीं आएं तो और बिगड़ सकते हैं हालात..........
देवरी गोशाला में पल रहे गोवंश की सेवा के लिए दानदाता आगे नहीं आएं तो हालात और बिगड़ सकते थे। यहां दानदाताओं द्वारा रोजाना हरा चारा और आलू भेजे जा रहे हैं, उसमें से चारा व आलू पहले बीमार गोवंश को डाला जाता है और जो बचता है, उसको अन्य गोवंश के बीच डाल दिया जाता है। शनिवार को भी छोटू व्यापारी द्वारा गोवंश के लिए आलू भेजे गए।
कथन
- हमने ठेकेदार को बोल दिया है कि आपका भुगतान धीरे धीरे कर दिया जाएगा लेकिन गोवंश को भूसा की सप्लाई बंद नहीं होना चाहिए। ठेकेदार के खाते में कुछ राशि पहुंचा दी है उसने अब एक ट्रक भूसा पहुंचा दिया है। पता नहीं गोवंश कैसे मर रहा है। ठंड से या कोई अन्य कारण है। शहर में भी गोवंश की मौत हुई है। मृत गोवंश को दो ट्रॉली में भरकर गोशाला पहुंचा दिया है। वहां उनको जमीन में उनका संस्कार कर दिया गया है।
संजीव जैन, आयुक्त, नगर निगम