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छौंदा टोल पर आए दिन लगता है जाम, नहीं हैं पर्याप्त व्यवस्थाएं

- कभी धान से भरा ट्रक तो कभी अन्य वाहन पलटने से भी हाइवे पर लग चुका है जाम - चार घंटे बाद दो हाइड्रा मशीनों ने ट्रक हटाया तब खुल सका जाम

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मुरैना. नेशनल हाइवे क्रमांक 44 पर जड़ेरुआ के पास गुरुवार की शाम चार बजे धान से भरा ट्रक पलट गया। पुलिस ने पहले एक हाइड्रा मशीन बुलवाई तो उससे नहीं हटा, तब दूसरी मशीन और आई तब दोनों ने मिलकर ट्रक को बीच सडक़ से हटाया तब कहीं चार घंटे बाद जाम खुल सका।
जानकारी के अनुसार जड़ेरुआ के पास हाइवे पर धान से चावल निकालने की फैक्ट्री है। यहां बड़ी संख्या में ट्रक सडक़ पर खड़े रहते हैं, उससे भी जाम के हालात निर्मित होते हैं। गुरुवार की शाम चार बजे इसी फैक्ट्री के लिए धान लेकर बड़ा ट्रक आ रहा था, तभी अनियंत्रित होकर जड़ेरुआ के पास बीच सडक़ पर पलट गया जिससे जाम लग गया। जाम इतना लंबा हो गया कि जड़ेरुआ से बानमोर और इधर जड़ेरुआ से मुरैना तक जाम लग गया। खासकर छौंदा टोल पर आने जाने की सभी लाइनों पर जबरदस्त जाम लग गया। प्रबंधन टोल पर व्यवस्थाएं नहीं सम्हाल सका इसलिए वाहन सवार परेशान रहे।
जाम में फंसी एम्बुलेंस मरीज को लेकर अस्पताल लौटी
हाइवे पर लगे जाम में जिला अस्पताल की एम्बुलेंस भी फंस गई। एम्बुलेंस में कोमेश नाम की महिला को जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर किया गया था, उसको पेट में दर्द व घबड़ाहट की शिकायत थी। उसी समय वहां पर भाजपा नेत्री भावना जालौन पहुंच गई, उन्होंने एम्बुलेंस को उल्टी साइड से निकलवाना चाहा, तभी वहां खड़े पुलिस कर्मचारियों से मदद के लिए कहा तो उन्होंने अमानवीय जवाब देते हुए कहा कि एम्बुलेंस को डिवाइडर के ऊपर से निकलवा दें क्या, जवाब देकर चलता कर दिया।भाजपा नेत्री ने काफी दूरी तक उल्टी साइड से एम्बुलेंस को निकालने का प्रयास किया। परंतु पुलिस की मदद नहीं मिला तो एम्बुलेंस को मरीज लेकर वापस लौटना पड़ा।
पुलिस मदद करती तो निकल सकती थी एम्बुलेंस
हाइवे पर जब जाम में दर्जनों वाहन सहित एम्बुलेंस फंसी थी, उस समय पुलिस का 100 डायल वाहन सडक़ किनारे खड़ा था और स्टाफ गप्पें हांकते नजर आया। अगर पुलिस स्टाफ प्रयास करता तो एम्बुलेंस को निकाला जा सकता था।
टोल पर नियमों की धज्जियां
नियमानुसार अगर टोल पर निर्धारित समय से ज्यादा समय लगता है और वाहन जाम में फंसता है तो उससे टोल फीस नहीं ली जा सकती लेकिन छौंदा टोल पर ऐसा नहीं हैं, यहां तो नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाइ जा रही हैं। पूर्व में कई बार छौंदा टोल पर जाम लग चुका है और दिन में भी कई बार जाम लगता है लेकिन न तो पुलिस और न टोल प्रबंधन इस दिशा में कोई कदम उठाता है।
कथन

  • हाइवे पर जड़ेरुआ पर धान से भरा बड़ा ट्रक बीच सडक़ पर पलट गया, जिससे एक हाइड्रा मशीन नहीं हटा सकी तब दो मशीनों से उसे हटाया गया। चार बजे ट्रक पलटा, उसे रात आठ बजे हटाया जा सका, तब जाम खुल सका है।ओ पी रावत, टी आई, नूराबाद थाना