
फैक्ट्रियों से छोड़ा जा रहा नदी में कैमिकल, आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग को नहीं दी मोर, हाईवे पर धरना देकर किया प्रदर्शन
मुरैना. नूराबाद क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकलयुक्त पानी को टैंकरों से सांक नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का पानी जहरीला हो गया है। उस पान को पीने से धनेला पंचायत में खैरबाया का पुरा के पास तीन राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई। वहीं उसके दूसरी ओर तिघरा गांव की तरफ उसी पानी को पीने से दो गोवंश की मौत हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने मृत मोरों को हाईवे टेकरी तिराहे पर रखकर धरना दिया और प्रदर्शन कर फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि नूराबाद, बानमोर क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी को टैंकरों से सेवा गांव के पास सांक नदी में छोड़ा जा रहा है, उसके चलते नदी का पानी जहरीला हो गया है। उस पानी के पीने से तीन मोर व दो गोवंश की मौत हो गई, वहीं दस दिन पूर्व दो नील गाय की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे वन विभाग के स्टाफ को मृत मोर को उठाने नहीं दिया और मोरों को लेकर ग्रामीण नेशनल हाईवे क्रमांक 44 टेकरी पर पर पहुंचे और फर्श बिछाकर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर एडीएम अश्विनी कुमार रावत, एसडीएम भूपेन्द्र ङ्क्षसह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया लेकिन वह नहीं माने। जब एडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तब 12 बजे के धरने पर बैठे ग्रामीण दो बजे खड़े हुए। उसके बाद मृत मोर वन विभाग को सौंप दी। वन विभाग ने पीएम कराकर जांच शुरू कर दी है। आंदोलन में भाजपा नेता योगेन्द्र मावई, धनेला सरपंच मुन्ना सिंह गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
संाक नदी का पानी पीने से मोरों की मौत के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने दो जगह से बोतल में पानी के सेंपल लिए हैं। पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
खैरबाया पुरा के ग्रामीणों का कहना हैं कि पहले सांक नदी में हम लोग नहाते, पानी पीते थे और पशु भी पानी पीते थे लेकिन पिछले तीन महीने से नदी का पानी जहरीला हो गया है, तब से लोगों ने पानी का उपयोग करना तो छोड़ दिया है, पशुओं की भी रखवाली करनी पड़ती है, कहीं नदी में नहीं चला जाए।
फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकलयुक्त पानी को सेवा गांव पर नदी में छोड़ा जा रहा है। जिससे नदी का पानी प्रदूषित हो गया। उसको पीने पर सोमवार की सुबह तीन राष्ट्रीय पक्षी मोर, दो गाय की मौत हो गई। जीवाराम का पुरा में आए कलेक्टर को भी आवेदन दे चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दस दिन पूर्व भी दो नील गाय मर चुकी हैं।
जड़ेरुआ व सीतापुर इंडस्ट्रीज में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंंट प्लांट) नहीं हैं। इन फैक्ट्रियों से निकल रहे जहरीले पानी को नंदियों में छोड़ा जा रहा है, जिससे पशु पक्षी मर रहे हैं। पूर्व में शिकायत की जा चुकी है ेलेकिन स्थानीय प्रशासन की संलिप्तता के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन क्षेत्रों में फैक्ट्री संचालित करने वाले व्यापारी सबसे बड़े माफिया हैं, इन पर अंकुश लगना चाहिए।
राष्ट्रीय पक्षी मोर व गोवंश मरने के मामले में दो एफआईआर की जाएंगी। मृत मोरों के पीएम के बाद वन विभाग एफआईआर करेगा। वहीं हमने नूराबाद थाना पुलिस द्वारा भी जांच उपरांत पानी जहरीला होने के मामले में एफआईआर कराई जाएगी।
Published on:
13 May 2026 01:18 pm
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