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नहरों में छोड़ा पानी, नहीं हो सकी पूरी तरह सफाई, कैसे पहुंचेगा टेल तक पानी

- नहरों में जहां पानी भरा, वहां नहीं हुई सफाई - नहरों की सफाई के नाम पर आई राशि खुर्द बुर्द करने की तैयारी

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मुरैना. जिले की सीमा में से निकली नहरों की सफाई को लेकर जल संसाधन विभाग ने टेंडर तो कर दिए हैं और सफाई भी शुरू कर दी है लेकिन ये सफाई नहरों में पानी आने से पूर्व होनी थी। नहरों में पानी छोड़ा जा चुका है, सोमवार को सुनहरा हैड सबलगढ़ में पानी आ जाएगा लेकिन इससे जुड़ी नहर व वितरिकाओं की अभी सफाई चल रही है।
नहरों की सफाई का जो टेंडर हुए हैं, वह ब्लो रेट पर हैं इसलिए काम जिस स्थिति में होना चाहिए, उसमें नहीं हो रहा। जहां नहर सूखी हैं, वहां पर मशीन से मिट्टी एकत्रित कर दी है लेकिन उसको पूरी तरह साफ नहीं किया जा रहा है। वहीं जहां- जहां नहर में पानी भरा है, वहां पर सफाई नहीं की गई। अंबाह ब्रांच कैनाल में पहले से भरे पानी व उसमें पड़े कचरे के चलते पानी की स्पीड कम रहेगी, उधर 15 दिन का रुटेशन रहेगा, उसके बाद पानी मुरैना ब्रांच कैनाल में छोड़ दिया जाएगा। अगर नहर की प्रोपर ठीक से सफाई हो जाती तो पानी टेल तक पहुंच सकता था। अगर पानी टेल तक नहीं पहुंचा तो किसान की खेती सिंचित नहीं हो पाएगी। वहीं सरसों व गेंहू सहित अन्य फसलों में पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल सकेगा। इसके अलावा नहरों से निकली वितरिका, माइनरियों की भी प्रोपर सफाई नहीं की जा रही है। अंबाह ब्रांच कैनाल का 11 लाख और मुरैना ब्रांच कैनाल की सफाई का टेंडर 7 लाख रुपए में हुआ है। जिले की सीमा से निकली मुरैना ब्रांच कैनाल, लोवर ब्रांच कैनाल, अंबाह ब्रांच कैनाल सहित कई छोटी छोटी माइनरियां व वितरिकाएं हैं जिनकी पानी आने से पूर्व सफाई तो शुरू हो गई लेकिन धीमी गति से सफाई होने पर पानी आने से पूर्व पूरी तरह सफाई नहीं हेा सकी है।
क्या कहते हैं किसान

  • नहरों की सफाई समय पर नहीं हो पाती है। पिछली साल 22 एल से निकली बंधा वाली माइनरी की सफाई समय पर नहीं हो सकी इसलिए पानी छोड़ते ही फूट गई थी और कई बीघा फसल बर्बाद हो गई थी।कल्लू डंडोतिया, किसान
  • एमबीसी से निकली माइनरी की किशनपुर के आसपास सफाई नहीं की गई, जिसमे झाड़ खड़े हुए हैं। पानी आने पर एक तो पानी टेल तक नहीं पहुंचेगा साथ ही पानी की गति बहुत धीमी रहेगी।राम सिंह कुशवाह, किसानफैक्ट फाइल
  • 53 किमी है निचली मुख्य नहर की लंबाई।
  • 171 किमी है अंबाह शाखा नहर की लंबाई।
  • 55 किमी है मुरैना ब्रांच कैनाल की लंबाई।
  • 2000 क्यूसेक के करीब पानी चाहिए अंबाह ब्रांच कैनाल को।
  • 500 क्यूसेक के करीब पानी चाहिए मुरैना ब्रांच कैनाल को।
  • 102000 हेक्टेयर भूमि सिंचित करती है एबीसी।
  • 44000 हेक्टेयर भूमि सिंचित करती है एमबीसी।
  • 40000 हेक्टेयर भूमि सिंचित करती है एलएमसी।कथन
  • नहर में 1396 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो सोमवार को सुनहरा हैड सबलगढ़ तक आ जाएगा। नहरों की अभी सफाई चल रही है, अगर रह जाएगी तो 15 दिन बाद पानी बंद होकर दूसरी नहर में छोड़ा जाएगा, उस दौरान शेष सफाई करवा दी जाएगी। ठेका चार- पांच महीने अभी चलेगा।पी एस जाटव, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग