28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मालेगांव ब्लास्ट केस: 34 गवाहों के मुकरने के बाद कोर्ट सख्त, ATS अधिकारी के खिलाफ जारी किया वारंट

Malegaon Blast Case Witness Turned Hostile: विशेष एनआईए अदालत (NIA Court) में आज मालेगांव 2008 विस्फोट मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने महाराष्ट्र एटीएस के एक अधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Apr 10, 2023

2008_malegaon_blast case

मालेगांव धमाका मामले का एक और गवाह मुकरा

2008 Malegaon Blast News: महाराष्ट्र के साल 2008 के मालेगांव धमाका मामले में गवाहों के अपने बयान से पलटने का सिलसिला जारी है। अब तक कुल 34 गवाह विशेष अदालत के सामने अपने बयान से मुकर चुके है। जिस वजह से मामले की जांच करने वाले अधिकारियों पर अब सवाल खड़े हो रहे है। इस बीच कोर्ट ने इस मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी के खिलाफ वारंट जारी किया है।

मुंबई में विशेष एनआईए अदालत (NIA Court) में आज मालेगांव 2008 विस्फोट मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के एक अधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया। दरअसल 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले की सुनवाई में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बार-बार पेश नहीं होने पर एटीएस के एक अधिकारी के खिलाफ कोर्ट ने दस हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। यह भी पढ़े-Maharashtra: मालेगांव ब्लास्ट केस का 33वां गवाह पलटा, कोर्ट में बोला- अपनी मर्जी से नहीं दिया था बयान

बताया जा रहा है कि संबंधित एटीएस अधिकारी मामले की प्रारंभिक जांच टीम का हिस्सा था और उन्होंने मामले के कई गवाहों के बयान दर्ज किए थे। कोर्ट ने उन्हें 2 मई को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया है। बुधवार को मामले से जुड़े एक गवाह ने एनआईए की विशेष अदालत में कहा था कि एटीएस ने बंदूक की नोक पर जबरन उसका बयान दर्ज किया था। कोर्ट में बयान से मुकरने वाला वह 34वां गवाह है।

इससे पहले 3 अप्रैल को इसी मामले में एक गवाह ने यह दावा करते हुए अपना बयान बदल दिया कि उसने जांच एजेंसी को अपनी मर्जी से कोई बयान नहीं दिया है। और कोर्ट में कहा था कि उसे सात दिनों के लिए अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया था।

इस मामले में अदालत तीन सौ से अधिक गवाहों का परीक्षण कर चुकी है। इस मामले में भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर भी आरोपी हैं, जो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। प्रज्ञा सिंह के अलावा लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित, सुधाकर द्विवेदी, मेजर रमेश उपाध्याय (रिटायर्ड), अजय रहीरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी को मामले में आरोपी बनाया गया है। सभी वर्तमान में जमानत पर हैं। आरोपियों की दलील है कि उन्हें इस मामले में जबरन फंसाया गया है।

मालूम हो कि मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर उत्तरी महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को एक मस्जिद के पास हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी पहले महाराष्ट्र एटीएस को दी गई थी। जांच की अगुवाई खुद उस समय के ATS प्रमुख हेमंत करकरे कर रहे थे, लेकिन मालेगांव बम विस्फोट की गुत्थी सुलझने से पहले ही करकरे 26/11 मुंबई आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। बाद में इस मामले को एनआईए को सौंप दिया गया। यह भी पढ़े-NCP-बीजेपी में बढ़ रही नजदीकी? कांग्रेस नेता ने की पवार की आलोचना, तो फडणवीस ने दिया करारा जवाब