7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

374 km लंबा नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर क्या है? जिसमें खर्च होंगे 19142 करोड़ रुपए

नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर नासिक, अहिल्यानगर, धाराशिव और सोलापुर जिलों के लिए कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स क्षमता और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बेहतर बनाएगा। जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार उत्पन्न होगा।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Jan 06, 2026

Nashik Solapur Akkalkot greenfield corridor

नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर क्या है?

महाराष्ट्र में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हाल ही में कैबिनेट ने नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान से जुड़ी है।

केंद्र सरकार ने बीओटी (BOT) मोड पर बनने वाले 374 किमी लंबे और छह लेन के ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट कॉरिडोर के निर्माण को हरी झंडी दिखा दी है। लगभग 19,142 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाला यह प्रोजेक्ट नासिक, अहिल्यानगर और सोलापुर जैसे महाराष्ट्र के प्रमुख औद्योगिक शहरों को सीधे दक्षिण भारत के कुरनूल से जोड़ देगा।

इस नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को बेहद रणनीतिक तरीके से डिजाइन किया गया है। यह वधावन बंदरगाह इंटरचेंज के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा और नासिक में आगरा-मुंबई कॉरिडोर (NH-60) के साथ-साथ पांगरी के पास समृद्धि महामार्ग से भी कनेक्ट होगा।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह देश के पश्चिमी तट से पूर्वी तट के बीच एक सीधा और तेज संपर्क मार्ग प्रदान करेगा। पहले से ही चेन्नई से महाराष्ट्र सीमा तक 700 किमी लंबे कॉरिडोर पर काम चल रहा है, और अब इस नए खंड की मंजूरी के बाद नासिक से चेन्नई तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा।

इस कॉरिडोर का सबसे क्रांतिकारी पहलू यात्रा के समय में होने वाली भारी बचत है। वर्तमान में नासिक से सोलापुर या अक्कलकोट तक जाने में जो समय लगता है, उसमें लगभग 17 घंटे की कमी आएगी। यह वर्तमान यात्रा समय का लगभग 55 प्रतिशत कम है। इसके अलावा, सीधी कनेक्टिविटी होने से यात्रा की दूरी भी करीब 201 किमी कम हो जाएगी। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को 100 किमी/घंटे की डिजाइन गति के हिसाब से बनाया जा रहा है, जिसमें क्‍लोज टोलिंग प्रणाली होगी ताकि यात्री और मालवाहक वाहनों को कहीं भी रुकना न पड़े और वे सुरक्षित तरीके से अपने सफर को जारी रख सकें।

यह परियोजना की वजह से बेहतर बुनियादी ढांचे के कारण नासिक, अहिल्यानगर, धाराशिव और सोलापुर जिलों में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए भविष्य में भी आजीविका के नए अवसर खुलेंगे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट कॉरिडोर को मंजूरी देने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने एक पोस्ट में कहा, “पीएम मोदी और केंद्रीय कैबिनेट का दिल से धन्यवाद, जिन्होंने 374 किमी लंबे नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट छह-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (19,142 करोड़ रुपए) को मंजूरी दी। पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।”