
HIV / AIDS difference causes of infection and sign
मुंबई. रक्त (ब्लड) चढ़ाने के बाद महाराष्ट्र की उप-राजधानी नागपुर में थैलेसीमिया पीडि़त चार बच्चे एचआइवी पॉजिटिव HIV positive (एड्स संक्रमित) पाए गए हैं। इनमें से एक की मौत हो गई है। अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। इसे लेकर स्थानीय प्रशासन में हड़कंप है। स्वास्थ्य विभाग ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है। स्वास्थ्य विभाग के सहायक उप-निदेशक डॉ. आरके धकाटे ने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र Maharashtra एफडीए भी जांच कर रहा है। एफडीए जल्दी ही थैलेसीमिया मरीजों को दिए गए खून का न्यूक्लिक एसिड टेस्ट nucleic acid test (एनएटी) करेगा। बच्चों का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने पल्ला झाड़ लिया है। उनका कहना है कि बच्चों को चढ़ाने के लिए सही गुणवत्ता का रक्त नहीं मिला। बता दें कि थैलेसीमिया मरीजों को समय-समय पर ब्लड चढ़ाया जाता है।
टेस्टिंग सुविधा नहीं
एक डॉक्टर ने बताया कि जांच में चार बच्चे एचआइवी पॉजिटिव पाए गए हैं। कथित तौर पर ब्लड बैंक से दूषित रक्त मिला था। इस कारण ये एड्स व हेपेटाइटिस बी संक्रमित हो गए। एनएटी जांच के बाद ही थैलेसीमिया मरीजों को रक्त चढ़ाया जाता है। अफसोस की यहां के ब्लड बैंक ने एनएटी सुविधा नहीं है। इससे पहले भी थैलेसीमिया Thalassemia पीडि़त पांच बच्चे हेपेटाइटिस सी hepatitis C और दो हेपेटाइटिस बी संक्रमित हो चुके हैं।
आनुवांशिक बीमारी
थैलेसीमिया आनुवांशिक बीमारी है। यदि माता-पिता दोनों इससे प्रभावित हैं, तो उनका बच्चा थैलेसीमिया पीडि़त होगा। माता-पिता में कोई एक करियर है तो बच्चा भी करियर होगा। थैलेसीमिया पीडि़तों के शरीर में खून ठीक से नहीं बन पाता है। इनके हीमोग्लोबिन hemoglobin के जेनेटिक कोड में डिफेक्ट होता है। शरीर में रक्त की कमी होने पर बाहर से ब्लड blood चढ़ाया जाता है।
Updated on:
26 May 2022 07:04 pm
Published on:
26 May 2022 07:02 pm
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