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मशीन में छिपा कर लाया था 5.8 किलो सोना, डीआरआइ ने जब्त किया

पिछले साल पकड़ा 403 करोड़ का 833 किलो सोना

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FAKE Gold: सोना खरीदते वक्त खास सावधानी रखने की जरूरत

FAKE Gold: सोना खरीदते वक्त खास सावधानी रखने की जरूरत

मुंबई. सरकारी एजेंसियों की सख्ती के बावजूद देश में सोने gold की तस्करी smuggling थम नहीं रही। विदेश से सोना लाने के लिए तस्कर नए-नए तरीके आजमाते रहते हैं। ड्रेन क्लीनिंग मशीन में छिपा कर 5.80 किलो सोना लाया गया था। राजस्व Revenue खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) के अधिकारियों की आंख में तस्कर धूल नहीं झोंक सके। डीआरआइ की टीम ने बीते हफ्ते लखनऊ और मुंबई Mumbai and Lucknow में तस्करी का सोना बरामद किया। चौंकानेवाला खुलासा यह कि दोनों ही जगह सोना तस्करी का तरीका ऐक जैसा था। मशीन के रोटर में Disc के रूप में यह सोना रखा गया था। जब्त सोने की कीमत 3.10 करोड़ रुपए है। इस मामले में दक्षिण मुंबई के एक शख्स की गिरफ्तारी हुई है। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में दिया है। पिछले वित्तीय साल में डीआरआइ ने तस्करी के जरिए लाया 833 किलो सोना पकड़ा , जिसका कीमत 403 करोड़ रुपए है।
नियमानुसार आयातक ने फॉर्म भरा था। इसमें बताया गया था कि यह ड्रेन क्लीनिंग मशीन है। यह मशीन विमान से मुंबई व लखनऊ पहुंची। शक के आधार पर डीआरआइ ने मशीन की जांच की। इसी दौरान रोटर में Disc के रूप में छिपा कर रखा सोना मिला। सोना तस्करी के संगठित तरीके से डीआरआइ की टीम और चौकस हो गई है।

200 से ज्यादा महिलाओं से 5 करोड़ की ठगी, आरोपी दंपती सूरत से गिरफ्तार
मुंबई. दो सौ से ज्यादा महिलाओं women से पांच करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी cheating के आरोपी दंपती को मुंबई पुलिस ने गुजरात Gujarat के सूरत से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि मनीष व वंदना चव्हाण ने पांच साल में धन दुगुना करने का झांसा दिया था। कई महिलाएं इनके बहकावे में आ गईं। लालच में इनके पास पैसे जमा कर दिए। परिपक्वता पर जब लोग पैसे मांगने लगे तो चव्हाण दंपती घर-बार बेच मुंबई से फरार हो गई। कई जगह पुलिस ने दबिश दी, मगर आरोपी पकड़ में नहीं आए। पुलिस को सूचना मिली कि दोनों सूरत में छिपे हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल Mobile फोन नहीं लगने पर जमाकर्ता चव्हाण घर आए। तब पता चला कि किसी और को दंपती घर बेच चुके हैं। इसके बाद चव्हाण के पास पैसे जमा करने वाली महिलाएं परेशान हो गईं। सबने पुलिस कर पुलिस से शिकायत की। मामले की जांच कर रही पुलिस टीम को मलाड निवासी उर्वशी पटेल ने अहम जानकारी दी। पटेल ने बताया कि चव्हाण दंपती Chavan couple सूरत में हैं। इसके बाद पुलिस टीम सूरत भेजी गई।