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कैप्टन अभिलाषा उड़ाएंगी लड़ाकू हेलीकॉप्टर, सेना की पहली महिला कॉम्बैट ऐविएटर बनीं

हौसले की उड़ान: हरियाणा की बेटी को मिली बड़ी कामयाबी बराक अमरीका में कर चुकी हैं नौकरी

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कैप्टन अभिलाषा उड़ाएंगी लड़ाकू हेलीकॉप्टर, सेना की पहली महिला कॉम्बैट ऐविएटर बनीं

कैप्टन अभिलाषा उड़ाएंगी लड़ाकू हेलीकॉप्टर, सेना की पहली महिला कॉम्बैट ऐविएटर बनीं

मुंबई. हरियाणा की बेटी कैप्टन अभिलाषा बराक भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट एविएटर बन गई हैं। सेना के ऐविएशन कोर में तैनात बराक लड़ाकू हेलीकॉप्टर उड़ाएंगी। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन में बीटेक बराक को 2018 में सेना के एयर डिफेंस कोर में कमीशन मिला था। सैन्य परिवेश में पली-बढ़ीं अभिलाषा रिटायर्ड कर्नल की बेटी हैं। वे लड़ाकू पायलट बनना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने नासिक स्थित सेना के कॉम्बैट ऐविएशन ट्रेनिंग स्कूल में एक साल का कोर्स पूरा किया।

सेना के विमानन महानिदेशक लेफ्टिनेंट जर्नल अजय कुमार सूरी ने बुधवार को 26 साल की अभिलाषा को कोर्स पूरा करने का प्रतीक चिन्ह प्रदान किया। हौसले की उड़ान से अभिलाषा ने देश की महिलाओं का मान बढ़ाया है। अपनी कामयाबी से साबित किया कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। बता दें कि सरकार ने तीन साल पहले सशस्त्र बलों में महिलाओं को अधिकारी के रूप में शामिल करने का फैसला किया था। बीटेक के बाद बहुराष्ट्रीय कंपनी डिलाइट के अमरीका ऑफिस में भी वे काम कर चुकी हैं।

सेना में पहली बार
भारतीय सेना में लड़ाकू हेलीकॉप्टर पहली बार कोई महिला उड़ाएगी। सूत्रों के अनुसार बराक एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव उड़ाएंगी। सेना में शामिल महिला अधिकारी अब तक ग्राउंड वर्क ही संभालती थीं। भारतीय नौसेना और वायु सेना में महिला अधिकारी पहले से हेलीकॉप्टर उड़ा रही हैं। वायु सेना के लड़ाकू विमान भी महिलाएं उड़ाती हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सशस्त्रों बलों में करियर बनाने की चाहत वाली युवतियों-महिलाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर, 2021 में अहम आदेश जारी किया। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में इस साल से महिला कैडेट भी शामिल की जाएंगी। शीर्ष अदालत ने महिलाओं को सेना में स्थाइ कमीशन के लिए भी पात्र माना है। माना जा रहा कि सेना में भी महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ेगी।