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20000 घंटे का अनुभव, बोइंग 737 के मास्टर… कोई आम पायलट नहीं थे अजित पवार का प्लेन उड़ाने वाले कैप्टन सुमित

कैप्टन सुमित कपूर एक अनुभवी करियर पायलट थे, जिन्होंने करीब 20 हजार घंटे आसमान में बिताए।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jan 30, 2026

Captain Sumit Kapur

बारामती विमान हादसे के पायलट कैप्टन सुमित कपूर (Photo: X/@jagritichandra)

महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे ने न केवल राजनीति के एक बड़े चेहरे अजित पवार को छीना, बल्कि विमानन जगत के बेहद अनुभवी पायलट कैप्टन सुमित कपूर (62) की जिंदगी का सफर भी खत्म कर दिया। सुमित कपूर एक अनुभवी करियर पायलट थे, जिन्होंने करीब 20 हजार घंटे आसमान में बिताए। गुरुवार को दिल्ली के पंजाबी बाग श्मशान घाट पर जब उनका अंतिम संस्कार हुआ, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। कैप्टन सुमित अपने परिवार और दोस्तों के बीच प्यारे 'बन्नी' के तौर पर पहचाने जाते थे।

20000 घंटे का अनुभव, बोइंग 737 के मास्टर

कैप्टन सुमित कपूर विमानन क्षेत्र का बड़ा नाम थे। अपने करियर में 20,000 घंटों से ज्यादा की उड़ान भरने वाले कपूर बोइंग 737 के 'एग्जामिनर' थे। एग्जामिनर को सिविल विमानन में सबसे ऊपर माना जाता है। उन्होंने सहारा एयरलाइंस और जेट एयरवेज जैसे बड़े संस्थानों में काम किया था। पिछले 5 वर्षों से वे VSR एविएशन के साथ जुड़े थे। उनके सहकर्मी उन्हें विमान उड़ाने में परफेक्शनिस्ट मानते थे।

सुमित कपूर स्प्रिंगडेल्स और एयर फोर्स बाल भारती से पढ़ाई के बाद उन्नत फ्लाइट ट्रेनिंग के लिए कनाडा गए। 1990 के दशक की शुरुआत में सहारा एयरलाइंस में उन्होंने अहम भूमिका निभाई, जहां सहयोगी उन्हें चेयरमैन का राइट हैंड बताते हैं। इसके बाद जेट एयरवेज में सेवाएं दीं और उनकी तकनीकी दक्षता ने उन्हें बोइंग 737 का एग्ज़ामिनर बना दिया।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं

कैप्टन सुमित कपूर के परिवार में इस समय खुशियों का माहौल होना चाहिए था। उनके भाई वरुण कपूर की बेटी की शादी 20 फरवरी को तय है। होटल बुक हो चुके थे और कार्ड बांटे जा चुके थे। घर के सबसे खुशनुमा इंसान बन्नी को परिवार के हर जश्न की जान समझा जाता था। अब उनके दुनिया से जाने के बाद परिवार में शादी की खुशियों की जगह गम और सन्नाटा पसर गया है।

अमिताभ बच्चन के बड़े फैन थे बन्नी

अंतिम विदाई देने आए उनके रिश्तेदारों ने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि सुमित बेहद खुशमिजाज इंसान थे। उनकी चचेरी बहन ने नाम आंखों के साथ कहा, "मुझे आज भी याद है कि वे हर महफिल में जान डाल देते थे। वे अमिताभ बच्चन के बहुत बड़े प्रशंसक थे और अक्सर उनके गानों पर डांस किया करते थे।"

पायलट की गलती या सिस्टम की खामी?

श्मशान घाट पर मौजूद कपूर के साथी पायलटों ने इस बात पर दुख जताया कि हादसे के तुरंत बाद इसे पायलट की गलती कहा जाने लगा। एक कैप्टन ने कहा, सुमित जैसा अनुभवी पायलट ऐसी गलती नहीं कर सकता। बारामती रनवे पर नेविगेशन सुविधाओं की कमी और कम विजिबिलिटी या कोई और तकनीकी समस्या हादसे की अहम वजह रही होगी। हर पहलू की गहन जांच होनी चाहिए।

बेटा, दामाद भी है पायलट

कैप्टन कपूर अपने पीछे एक भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में पत्नी, बुजुर्ग पिता, बेटा, बेटी हैं। उनका बेटा शिव कपूर भी एक पायलट है, जो इसी कंपनी (VSR) में काम करता है। उनकी बेटी सान्या के पति भी एक पायलट हैं। सुमित कपूर का परिवार मूल रूप से रावलपिंडी (पाकिस्तान) से था, जो विभाजन के बाद दिल्ली आकर बस गया था। परिवार जल्द ही नए बने घर में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहा था।

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