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APMC चुनाव में महाविकास आघाड़ी की जीत, भाजपा को फिर लगा झटका

एपीएमसी चुनाव में महाविकास आघाड़ी की जीत, भाजपा को फिर लगा झटका

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APMC चुनाव में महाविकास आघाड़ी की जीत, भाजपा को फिर लगा झटका

APMC चुनाव में महाविकास आघाड़ी की जीत, भाजपा को फिर लगा झटका

नवी मुंबई: राज्य में शिवसेना, एनसीपी व काँग्रेस की महाविकास आघाड़ी के तहत सरकार आने के बाद स्थानीय निकाय चुनावों पर भी तेजी के साथ सत्ता परिवर्तन होने लगा है, और सत्ता से बेदखल होने के बाद भाजपा को झटके पर झटका लग रहा है। मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति के चुनाव में भी यही रणनीति दोहराया गया है। कोंकण महसूल विभाग में शेकाप नेे बाजी मारी है तो पुणे महसूल विभाग में महाविकास आघाड़ी की जीत हुई है। इस चुनाव में महाविकास आघाड़ी की जहां जीत हासिल हुुुई है वहीं भाजपा के लगभग सभी उम्मीदवारों को पराजय का मुंह देखना पड़ा है।

सत्ता से बेदखल होने के बाद भाजपा के लिए उल्टी गिनती शुरू

पिछले पांच वर्ष तक राज्य में भाजपा की सत्ता रहने तक राज्य की लगभग सभी बड़ी-छोटी संस्थानों पर सत्ता स्थापित करने में सफल होने वाली भाजपा राज्य की सत्ता से बेदखल होने के बाद अब उसके लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है, क्योंकि छोटी-बड़ी संस्थानों के चुनाव में भी उसे हार का मुंह देखना पड़ रहा है। कुछ जिला परिषद चुनाव के बाद महत्वपूर्ण चुनाव मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति के चुनाव में भाजपा को जोर का झटका धीरे से लगा है। बाजार समिति के सभी विभागों पर महाविकास आघाड़ी ने अपना बर्चस्व कायम रखा है। राज्य की कुल 305 बाजार समिति की सर्वोच्च संस्था मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति की चुनाव के लिए 34 जिलों में करीब 92.57 प्रतिशत मतदान हुआ था। 6 महसूल विभाग में 12 किसान और चार व्यापारी प्रतिनिधियों का चयन करने के लिए यह मतदान हुआ था।

यह लड़ाई भाजपा और महाविकास आघाड़ी के बीच थी

छह महसूल विभाग व ब्यापारी निर्वाचन क्षेत्र में कुल 17 हजार 513 मतदाता थे। इस तरह से महसूल विभाग में कुल 98.72 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि ब्यापारी निर्वाचन क्षेत्र में औसतन 87.21 प्रतिशत मतदान हुआ, तथा अमरावती में 99 प्रतिशत, कोंकण में 99.64 प्रतिशत एवं पुणे में 99 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इस तरह से कुल 58 उम्मीदवार मैदान में थे। लेकिन माना तो यह जा रहा है कि असली लड़ाई भाजपा और महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवारों के बीच थी, और इस लड़ाई में महाविकास आघाड़ी बाजी मार ले गई।

अधिकतर पूर्व संचालकों ने ही मारी बाजी

एपीएमसी के कांदा-बटाटा मार्केट में अशोक वालुंज ने राजेंद्र शेलके को पटखनी देते हुए जीत हासिल की है। भाजी मार्केट में शंकर पिंगले ने के.डी.मोरे को मात देते हुए जीत का सेहरा अपने सिर बांध लिया। इसी तरह मसाला मार्केट में विजय भूता ने कीर्ती राणा को धूल चटाई तो अनाज मंडी में नीलेश वीरा को विजयी घोषित किया गया। कामगार मतदार संघ से शशिकांत शिंदे तो फलमंडी से संजय पानसरे पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। अमरावती विभाग से कांग्रेस के प्रवीण देशमुख और शिवसेना के माधव जाधव विजयी घोषित हुुुए।