
बदलापुर में घिनौनी वारदात (Photo: IANS/AI/File)
महाराष्ट्र के बदलापुर शहर में एक बार फिर झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल की जूनियर केजी में पढ़ने वाली 4 साल की बच्ची के साथ स्कूल वैन के ड्राइवर द्वारा यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। घटना उस वक्त हुई जब स्कूल वैन चालक बच्ची को घर छोड़ने जा रहा था। इस घटना ने एक बार फिर अगस्त 2024 के उस जख्म को हरा कर दिया है, जब बदलापुर के एक स्कूल में ऐसी ही घिनौनी वारदात हुई थी।
पुलिस के अनुसार, घटना गुरुवार दोपहर की है। स्कूल की छुट्टी के बाद 37 वर्षीय आरोपी ड्राइवर बच्चों को घर छोड़ रहा था। पीड़िता वैन में आखिरी छात्रा बची थी। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर उसने बच्ची के साथ अश्लील हरकत की। रोज दोपहर साढ़े 12 बजे घर पहुंचने वाली बेटी जब करीब डेढ़ घंटा देरी से पहुंची, तो घर वाले भी घबरा गए। मासूम बेहद डरी और सहमी हुई थी। मां के बार-बार पूछने पर उसने आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वें तुरंत स्कूल गए और ड्राइवर की करतूतों के बारें में बताया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जब पीड़ित माता-पिता शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे, तो प्रिंसिपल ने कथित तौर पर आरोपी ड्राइवर का पक्ष लिया। इसके बाद आरोपी ड्राइवर को केबिन में बुलाया गया, तो उसे देखते ही 4 साल की मासूम डर के मारे अपने पिता के पीछे छिप गई। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन ने मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की, जिसके बाद परिजन सीधे बदलापुर (पश्चिम) पुलिस स्टेशन गए और शिकायत दर्ज करवाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और आरोपी को हिरासत में लेने के लिए पुलिस टीम को रवाना किया। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक किशोर शिंदे ने पुष्टि की है कि आरोपी ड्राइवर को गुरुवार रात ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO) की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फॉरेंसिक टीम ने स्कूल वैन की सघन जांच कर अहम सबूत जुटाए हैं।
परिजनों का आरोप है कि जब वे पहले स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल ने आरोपी का पक्ष लिया और मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। घटना की खबर फैलते ही बदलापुर में आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में एनसीपी (अजीत पवार गुट) की महिला कार्यकर्ताओं ने पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। कुछ आक्रोशित नागरिकों ने स्कूल वैन पर भी पथराव किया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
बताया जा रहा है कि राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद स्कूल वैन में कोई महिला अटेंडेंट मौजूद नहीं थी। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि अगस्त 2024 में भी बदलापुर के एक नामी स्कूल में दो मासूम बच्चियों के साथ सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया था। उस मामले में भारी जन-आक्रोश के बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाया था। 23 सितंबर 2024 के दिन आरोपी अक्षय शिंदे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। हालांकि यह एनकाउंटर जांच के घेरे में है और बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। अब डेढ़ साल के भीतर वैसी ही दूसरी घटना ने स्कूल सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है।
Updated on:
23 Jan 2026 02:19 pm
Published on:
23 Jan 2026 02:07 pm
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