
Mumbai Hindi News : सफेद हाथी में कैसे तब्दील हो रही लोक परिवहन सेवा
मीरा भायंदर. आमदनी अठ्ठन्नी और खर्चा रुपैया वाली मनपा की परिवहन सेवा दिन प्रतिदिन सफेद हाथी बनती जा रही है। इस सेवा को वित्तीय वर्ष 2018-2019 में 9.63 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। बसों के परिचालन में 20 करोड़ 63 लाख रुपए खर्च करने पड़े, लेकिन आवक सिर्फ 11 करोड़ 88 लाख रुपए की हुई। पिछले कुछ सालों से परिवहन सेवा की स्थिति कमोबेश यही रही है।
मीरा भायंदर परिवहन सेवा की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी और तत्कालीन सरकार ने जेएनएनयूआरएम योजना के तहत शहर के लिए 50 बसें उपलब्ध कराई थी। करीब 14 साल से चल रही यह सेवा जनता के लिए उपयोगी साबित हो रही है, लेकिन विभाग के लिए यह घाटे का सौदा है। बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए बसों की संख्या बाद में भी बढ़ाई गई, पर रखरखाव के अभाव में दर्जनों बसे खड़ी खड़ी सड़ रही है। बसों के परिचालन, ईंधन, रखरखाव पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, जबकि इसके मुकाबले आवक बहुत ही कम है। शहर में चल रही अधिकतर बसों की हालत खराब है, यात्री अक्सर फटी सीटों को लेकर शिकायत करते रहते हैं। इंजन की कर्कश आवाज बताती है कि बसों को जबरन चलाया जा रहा है।
परिवहन समिति में नए सदस्य
घाटे में चल रही परिवहन समिति के सभापति पद पर हाल ही में मंगेश पाटील की नियुक्ति की गई है। अन्य 11 सदस्यों को समिति का सदस्य बनाया गया है। परिवहन समिति के पूर्व सदस्यों की माने तो कमीशन खोरी इस महत्वपूर्ण सेवा को दीमक की तरह खोखला कर रही है। विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए 12 वर्षो बाद परिवहन समिति में 12 सदस्यों का चयन किया गया। चयन के बाद मात्र एक मीटिंग ली गई है। समिति के एडवोकेट राजकुमार मिश्रा ने बताया कि फिलहाल 55 बसें शहर में चल रही है और आनेवाले दिनों में 27 नई बसें यात्रियों की सेवा के लिए सड़कों पर दौड़ेंगी। मनपा परिवहन समिति में 300 कर्मचारी कार्यरत हंै।
डिपो का उद्घाटन विवादों से घिरा
बसों की देखरेख के लिए पुराने आरटीओ कैंप के पास डिपो बनाया गया है जो अब विवादों में घिरता नजर आ रहा है। मनपा सूत्रों के अनुसार महापौर डिंपल मेहता के हाथों इसका उद्घाटन 16 जनवरी को किया जाएगा। जबकि, समिति के गैर भाजपा सदस्य चाहते हैं कि इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री या परिवहन मंत्री के हाथों किया जाए। परिवहन समिति में भाजपा सदस्यों की संख्या सबसे अधिक है, इसलिए कयास लगाया जा रहा है कि 16 जनवरी को नए डिपो का उद्घाटन महापौर की हाथों ही होगा। परिवहन समिति को भले ही नए सदस्य मिल गए हो पर यह परिवहन सेवा घाटे से मुनाफे की ओर कैसे बढ़ेगी यात्रियों की सुविधाओं का कैसे ध्यान दिया जाएगा इस सवाल का जवाब ना तो अधिकारियों के पास है ना ही जनप्रतिनिधियों के पास।
Published on:
07 Jan 2020 11:16 pm
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