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बॉम्बे HC के जज ने भरे कोर्ट में दिया इस्तीफा, कहा- स्वाभिमान के खिलाफ काम नहीं कर सकता

Justice Rohit Deo Resigns: जस्टिस रोहित देव को जून 2017 में बॉम्बे हाईकोर्ट के नागपुर बेंच में पदोन्नत किया गया था। उन्हें 5 जून 2017 को पहले एडिशनल जज और बाद में 12 अप्रैल 2019 को परमानेंट जज बनाया गया था।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Aug 04, 2023

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जस्टिस रोहित देव ने दिया इस्तीफा

Bombay High Court Justice Rohit Deo Resignation: बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच (Nagpur Bench) के जज रोहित देव (Justice RB Deo) ने शुक्रवार को भरे कोर्ट में अपने इस्तीफे की घोषणा कर सभी को चौंका दिया। दिलचस्प बात यह है कि जस्टिस देव का रिटायरमेंट अभी दो साल दूर था। इससे पहले उन्होंने अचानक कोर्ट में अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। जस्टिस रोहित देव की इस्तीफे की घोषणा सुनकर कोर्ट रूम में उपस्थित सभी वकील और स्टाफ भी अवाक रह गये।

नागपुर बेंच के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस रोहित देव ने आज सुबह कोर्ट शुरू होने के बाद कोर्ट का कामकाज देखा। सभी मामलों को नियमित रूप से निपटाने के बाद उन्होंने कोर्ट रूम में ही जज पद से अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। यह भी पढ़े-बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार, समलैंगिक जोड़े को सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश

न्यायमूर्ति देव ने आज दोपहर 12 बजे खुली अदालत में अपने इस्तीफे की घोषणा की। जस्टिस देव के अचानक लिए गए इस फैसले से हर कोई हैरान रह गया। उस समय कोर्ट में मौजूद वकीलों के अनुसार, जस्टिस देव ने कहा कि वहां मौजूद वकील उनके परिवार की तरह हैं।

कोर्ट में बोलें- आप सब मेरे परिवार की तरह

इस्तीफे का ऐलान करते हुए जज साहब ने कहा, “जो लोग कोर्ट में मौजूद हैं, मैं आप सभी से माफी मांगता हूं। मैंने आप लोगों को डांटा क्योंकि मैं चाहता था कि आप इम्प्रूव हो। मैं आपमें से किसी को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता, क्योंकि आप सभी मेरे लिए एक परिवार की तरह हैं। मुझे आपको यह बताते हुए दुख हो रहा है कि मैंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। मैं अपने स्वाभिमान के विरुद्ध काम नहीं कर सकता। आप लोग कड़ी मेहनत करें।”


GN साईबाबा को किया था बरी

मालूम हो कि जस्टिस रोहित देव की अगुवाई वाली खंडपीठ ने ही पिछले साल दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा (GN Saibaba) और पांच अन्य को माओवादियों से कथित संबंध मामले में आरोपमुक्त कर दिया था। बाद में महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सुप्रीम कोर्ट ने नागपुर बेंच के इस बहुचर्चित फैसले को पलट दिया और जीएन साईबाबा की सजा को बरकरार रखा। साथ ही शीर्ष कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को यह मामला जस्टिस देव की बेंच को नहीं सौंपने का आदेश दिया। अब यह भी चर्चा हो रही है कि रोहित देव के इस्तीफे के पीछे कहीं यही वजह तो नहीं है। यह भी पढ़े-GN साईबाबा को झटका! सुप्रीम कोर्ट ने पलटा बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला, नए सिरे से सुनवाई का आदेश

महाराष्ट्र सरकार के GR पर लगाई थी रोक

उनके सबसे हालिया फैसलों में महाराष्ट्र सरकार को समृद्धि महामार्ग (Samruddhi Expressway) परियोजना पर काम करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई को रद्द करने का अधिकार देने वाले जीआर पर रोक लगाना भी शामिल है।

2025 में होने वाले थे रिटायर

जस्टिस देव का जन्म 5 दिसंबर 1963 को हुआ था। उन्हें जून 2017 में नागपुर बेंच में पदोन्नत किया गया था। उन्हें 5 जून 2017 को पहले एडिशनल जज और बाद में 12 अप्रैल 2019 को परमानेंट जज बनाया गया था। इससे पहले वह महाराष्ट्र के महाधिवक्ता थे। वह 4 दिसंबर 2025 को रिटायर होने वाले थे।

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