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अपनी सुरक्षा खर्च नहीं उठा पा रहा अंडरव‌र्ल्ड डॉन अबू सलेम, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पैरोल देने से किया इनकार

Underworld don Abu Salem: अबू सलेम की पैरोल याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि यदि वह अपनी सुरक्षा का खर्च नहीं उठा सकता तो उसे पैरोल नहीं दी जा सकती। यूपी स्थित गृह नगर जाने की उसकी याचिका पर अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी।

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मुंबई

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Imran Ansari

Feb 04, 2026

Bombay High Court refuses parole to underworld don Abu Salem

Underworld don Abu Salem: अंडरव‌र्ल्ड डान अबू सलेम को पैरोल देने के मामले में बांबे हाई कोर्ट ने साफ कर दिया कि अगर वह अपनी सुरक्षा का खर्च नहीं उठा सकते तो पैरोल नहीं दिया सकता है। अगर उन्हें पैरोल पर जेल से बाहर निकलना है तो उन्हें अपनी सुरक्षा का पूरा खर्च भी उठाना होगा। बता दें कि अबू सलेम में अपने यूपी गृह नगर जाने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 फरवरी को होगी।

आपको बता दें कि अबू सलेम को पैरोल देने के मामले की सुनवाई मंगलवार को न्यायमूर्ति अजय गडकरी और श्याम चंदक की खंडपीठ कर रही थी। अबू सलेम अपने भाई अबू हकीम अंसारी की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए अपने यूपी के आजमगढ़ जिले में जाना चाहता था, इसके लिए उसने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने साफ तौर पर कह दिया कि पैरोल पर उनके सुरक्षा के लिए 17 लाख रुपये से अधिक खर्च होगा, जो कि उन्हें देने पड़ेगा। इस सुरक्षा शुल्क में किसी भी प्रकार का मोलभाव नहीं किया जा सकता है। वहीं, डॉन के वकील फरहान शाह ने अपने मुवक्किल सुरक्षा शुल्क के लिए सिर्फ एक लाख रुपये का भुगतान करने की बात कही, जिस पर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए स्पष्ट कर दिया कि अगर पैरोल पर जाना है, तो सुरक्षा खर्च उठाना पड़ेगा।

25 साल से जेल में है अबू सलेम

अबू सलेम कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी माना जाता रहा है। वह साल 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों समेत कई संगीन आपराधिक मामलों में आरोपी है। इन धमाकों के बाद अबू सलेम भारत से फरार हो गया था और लंबे समय तक विदेशों में छिपकर रह रहा था। वर्ष 2002 में उसे पुर्तगाल में गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद लंबी कानूनी प्रक्रिया चली।

साल 2005 में लाया गया था भारत

साल 2005 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पण के जरिए अबू सलेम को भारत लाया गया और तब से वह जेल में बंद है। उस पर हत्या, हत्या की साजिश, जबरन वसूली और अवैध हथियार रखने जैसे कई गंभीर आरोप हैं। प्रत्यर्पण के दौरान यह शर्त तय हुई थी कि उसे मौत की सजा नहीं दी जाएगी, इसलिए अलग-अलग मामलों में उसे उम्रकैद और लंबी जेल की सजाएं सुनाई गई हैं। फिलहाल अबू सलेम भारत की जेल में सजा काट रहा है।

आजमगढ़ से अपराध की दुनिया में रखा कदम

अबू सलेम उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले का रहने वाला है। खासकर पूर्वांचल क्षेत्र उसका मजबूत आधार माना जाता रहा है। बाद में वह रोजगार की तलाश में मुंबई गया, जहां वह अंडरवर्ल्ड के संपर्क में आया और दाऊद इब्राहिम गिरोह का अहम सदस्य बन गया। अपराध की दुनिया में सक्रिय रहने के दौरान अबू सलेम का यूपी से जुड़ा नेटवर्क बना रहा। यूपी में उसके कई सहयोगी और शूटर बताए जाते रहे हैं, जिनका इस्तेमाल वह मुंबई और अन्य राज्यों में अपराधों को अंजाम देने के लिए करता था। इसके अलावा, कुछ हाई-प्रोफाइल हत्याओं और आपराधिक साजिशों की जांच में भी उसके यूपी कनेक्शन सामने आए थे, जिस कारण उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां भी उसके मामलों में सक्रिय रहीं।

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