
बुलढाणा बस हादसे से दहला महाराष्ट्र
Maharashtra Bus Accident: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में शनिवार को नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पर एक लक्जरी बस में आग लगने से 25 यात्रियों की झुलस कर मौत हो गई, जबकि आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के समय बस में 33 यात्री सवार थे। बस के दो ड्राइवर और कंडक्टर सुरक्षित बच गए। लेकिन हर किसी की किस्मत उनकी तरह अच्छी नहीं थी और 25 लोग मौत के मुंह में समा गए।
नागपुर से पुणे जा रही विदर्भ ट्रेवल्स की एक प्राइवेट बस शनिवार रात 1.35 बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुलिस ने बताया कि हादसे की शिकार बस एसी स्लीपर बस थी, जो रात में डेढ़ बजे पहले समृद्धि महामार्ग पर लगे खंभे और फिर डिवाइडर से टकरा कर पलट गई। दुर्भाग्य से बस उस ओर पलटी, जहां से बस बाहर निकलने का दरवाजा था। इस दौरान बस का डीजल टैंक फट गया और बस में भयानक आग लग गई। बस में अधिकांश यात्री नागपुर के थे, जबकि कुछ वर्धा और यवतमाल के थे। बुलढाणा में हुए इस बस हादसे में कई लोगों की जिंदगी बर्बाद हो गई है और अनेक मां-बाप के सपने टूट गए। यह भी पढ़े-Buldhana Bus Accident: इंसानियत दिखाते तो बच जाती और लोगों की जान... हादसे के चश्मदीद ने सुनाई खौफनाक दास्तां!
पुणे का परिवार तबाह!
समृद्धि महामार्ग पर हुए हादसे में पुणे के एक परिवार के तीन लोगों की जान चली गई है। इस हादसे में शिरूर के एक ही घर के मां, पिता और बेटी की मौत हो गई। कैलास गंगावणे, कंचन गंगावणे और उनकी बेटी सई गंगावणे लॉ कॉलेज में बेटे (सई के भाई के) के एडमिशन के लिए पुणे से नागपुर गए थे।
कैलास गंगावणे आंबेगाव तालुका के निरगुडसर में पंडित जवाहरलाल नेहरू विद्यालय में शिक्षक है। बेटे के एडमिशन का काम ख़त्म करने के बाद वें अपनी पत्नी और बेटी के साथ विदर्भ ट्रेवल्स से वापस पुणे लौट रहे थे। कैलास की बेटी सई ने एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। उन्होंने बेटी को डॉक्टर बनया और बेटे को वकील बनाना चाहते थे। लेकिन अब बेटे की सफलता देखने के लिए माता-पिता और बहन इस दुनिया से चले गए। बस हादसे के पहले का एक फोटो सामने आया है, जिसमें कैलास अपने बेटे और पत्नी के साथ है और बेटी मोबाइल से तस्वीर निकाल रही है।
नौकरी ज्वाइन करने पुणे जा रहा था तेजस
तेजस पोवले अपने सपने को पूरा करने और अपने माता-पिता की कठिनाइयों को दूर करने के लिए वर्धा से पुणे नौकरी करने जा रहा था। लेकिन पुणे में नौकरी ज्वाइन करने से पहले ही बुलढाणा बस हादसे में तेजस का दुर्भाग्यपूर्ण अंत हो गया। तेजस ने अभी-अभी अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इसके तुरंत बाद उसे पुणे में नौकरी भी मिल गई। वह नौकरी ज्वाइन करने के लिए विदर्भ ट्रेवल्स की बस से निकला था, लेकिन काल के मुख में समा गया।
तेजस के घर की आर्थिक स्थिती ठीक नहीं है। उसके पिता रामदास पावले ने मजदूरी करके अपने बेटे को पढ़ाया था। तेजस को 10वीं-12वीं कक्षा में गणित में 100 में से 100 अंक मिले थे। बचपन से ही पढ़ाई में होशियार तेजस अपने माता-पिता के कष्ट को दूर करना चाहता था। उसे पुणे में अच्छी नौकरी भी मिल गयी थी। लेकिन नियति ने सब कुछ ख़त्म कर दिया।
मॉडल अवंती का दुर्भाग्यपूर्ण अंत!
बुलढाणा बस हादसे में मेकअप आर्टिस्ट अवंती परिमल पोहणीकर की भी दर्दनाक मौत हो गई। वर्धा की युवा इंजीनियर अवंती का भी हादसे में दुर्भाग्यपूर्ण अंत हुआ। अवंती जब छोटी थीं तब उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। तब मां ने अकेले ही अवंती और उसकी बहन मोनू का पालन-पोषण किया। बताया जाता है कि मृतक अवंती की बहन मेघे विश्वविद्यालय में नौकरी करती है। जबकि अवंती मेकअप आर्टिस्ट के साथ ही मॉडल थी। अवंती वर्धा से पुणे के लिए विदर्भ ट्रेवल्स की बस से निकली थी। लेकिन शनिवार रात को हुए हादसे में उसका दुखद अंत हो गया। अवंती की मां सदमे में है।
नौकरी के लिए जा रहा था निखिल
बुलढाणा हादसे में जान गंवाने वाला निखिल पाथे भी नौकरी के लिए पुणे जा रहा था। युवक निखिल यवतमाल जिले के बाबुलगांव तालुका के गोंधली गांव का रहने वाला है। वह दुर्घटनाग्रस्त बस से पुणे जा रहा था। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से निखिल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
Updated on:
01 Jul 2023 06:54 pm
Published on:
01 Jul 2023 06:49 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
