
एनसीपी नेता छगन भुजबल की बढ़ी मुश्किलें
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र (Maharashtra) की शिंदे-फडणवीस सरकार के सत्ता में आने के बाद कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। हाल ही में राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के महाविकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के 25 नेताओं के ‘वर्गीकृत’ सुरक्षा कवर को हटा दिया गया है।
सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने एमवीए नेताओं की सुरक्षा कम कर दी गई है जबकि कुछ नेताओं की सुरक्षा हटा दी गई है। इस पर पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) ने प्रतिक्रिया दी है। साथ ही उन्होंने शिंदे सरकार को सचेत रहने की हिदायत भी दी है। यह भी पढ़े-Nitin Gadkari: ‘दिल्ली में जिन्हें बड़ा समझता था, वे वैसे नहीं थे..’, नितिन गडकरी ने छात्रों को दिया आगे बढ़ने का मंत्र
सूबे के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा, “मैं सुरक्षा वापस लेने के बारे में कुछ नहीं कहूंगा, और न ही आरोप लगाऊंगा। जब मैं गृहमंत्री था तब मुझ पर हमला हुआ था। मुझे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मैंने दाऊद जैसे कई लोगों को सामना किया है।“ भुजबल ने कहा कि सरकार को सुरक्षा वापस लेने के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
इन नेताओं की सुरक्षा हटाई गई
पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और उनके परिवार के सदस्यों, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और उनकी बेटी एवं सांसद सुप्रिया सुले सहित उनके परिजनों की सुरक्षा बरकरार रखी गई है। पूर्व मुख्यमंत्रियों अशोक चव्हाण और पृथ्वीराज चव्हाण को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी। एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड की सुरक्षा बरकरार रहेगी, जबकि शिवसेना (यूबीटी) के सचिव मिलिंद नार्वेकर को, विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार और पूर्व गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल को वाई-प्लस-सुरक्षा कवर दिया गया है।
वहीँ, जयंत पाटिल, छगन भुजबल, विजय वडेट्टीवार, बालासाहेब थोराट, नाना पटोले, भास्कर जाधव, सतेज पाटिल, धनजय मुंडे, सुनील केदारे, नरहरि जिरवाल, वरुण सरदेसाई और जेल में बंद अनिल देशमुख व नवाब मलिक की सुरक्षा वापस ली गई है। इसका मतलब है कि इन नेताओं को अपने घरों या एस्कॉर्ट के बाहर स्थायी पुलिस सुरक्षा नहीं होगी।
Updated on:
29 Oct 2022 04:54 pm
Published on:
29 Oct 2022 04:51 pm
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