
Dharavi के पुनर्विकास पर फिर लटकी तलवार
मुंबई. एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। आम लोगों के साथ ही कई नेता भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। जो नेता लोगों को राशन बांट रहे थे, उनमें से कई अस्पताल में कोरोना का इलाज करा रहे हैं। मनसे के एक नेता की मौत हो चुकी है। नेताओं के परिवार के लोग क्वारेंटाइन हैं। धारावी बचाव समिति और भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रमाकांत गुप्ता, शिवसेना के आशीष मोरे और एनसीपी के जयंत जाधव उपचार के लिए अस्पताल में हैं। कोरोना से मनसे के उप-विभाग प्रमुख अनिल कारांडे की मौत हो चुकी है।
लॉकडाउन की घोषणा के बाद ये नेता जनता की सेवा में जुटे थे। रजब चॉल निवासी रमाकांत गुप्ता ने धारावी में लगभग 30 हजार गरीब परिवारों को राशन किट, भोजन पैकेट आदि राहत सामग्री उपलब्ध कराई है। गुप्ता ने बताया कि धारावी बचाव समिति के अध्यक्ष और पार्टी के पद पर होने के नाते क्षेत्र में जनता के बीच जाना आम बात हो है। कुछ दिनों से बुखार था। जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। अस्पताल में रहते भी वे अपने सहयोगियों के जरिए जरूरतमंदों तक मदद पहुंचा रहे हैं।
समाज सेवा को लेकर रमाकांत का जज्बा देखने लायक है । वे अस्पताल में रहते हुए भी क्षेत्र में जरूरत मंद लोगों तक अपने सहयोगी साथियों के माध्यम से भोजन राशन उपलब्ध करा रहे हैं।
शिवसेना के आशीष मोरे शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़े थे। आशीष की पत्नी हर्षदा मोरे धारावी लेबर कैंप से नगरसेवक हैं। जरूरतमंदों की सहायता के दौरान आशीष भी संक्रमित हो गए।
धारावी में एक हजार 61 से अधिक कोरोना मरीजों का आंकड़ा पहुंच गया है। लगभग 6 हजार लोग कोरेण्टाइन हो चुके है। और 49 लोगों को मौत हो चुकी। धारावी में कुल लगभग 14 लाख लोग रहते है । एक लाख से अधिक झोपड़े हैं ।
Published on:
15 May 2020 11:42 pm
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