
Covid-19: एंटीबॉडी टेस्ट किट एलीसा से ढाई घंटे में 90 जांच, विदेशी किट के मुकाबले बेहतर-सटीक नतीजे
पुणे. कोविड-19 की जांच के लिए बनाई गई स्वदेशी किट कोरोना कवच एलीसा (Corona Kawach Elisa) के बारे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) ने अहम खुलासा किया है। यह एंजाइम लिंक्ड इम्यूनोसार्बेंट एसे एंटीबॉडी टेस्ट किट है। वैज्ञानिकों का दावा है कि विदेशी किट के मुकाबले एलीसा के जरिए बेहतर और सटीक नतीजे मिलेंगे। एलीसा प्लेटफॉर्म पर ढाई घंटे में 90 से अधिक सैंपल की जांच की जा सकती है। एलीसा जांच किट किसी व्यक्ति के रक्त में एंटीबॉडी की मौजूदगी का पता लगाएगी। इससे पता चलेगा कि संबंधित व्यक्ति संक्रमित है या नहीं। एंटीबॉडी टेस्ट किट इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की सहायक एनआईवी ने तैयार किया है। कोरोना कवच एलीसा का बड़े पैमाने पर उत्पादन अहमदाबाद आधारित जायडस कैडिला करेगी। एलीजा प्लेटफॉर्म का मुंबई (Mumbai) में दो जगहों पर सफल परीक्षण किया जा चुका है। हालांकि कैडिला की ओर से अभी नहीं बताया गया है कि वह कब और कहां इसे बनाएगी।
बायोकॉन और ट्रांसेशिया भी दौड़ में शामिल
बायोकॉन (Biocon) और ट्रांसएशिया बायोमेडिकल (Transasia Biomedical) भी इस दौड़ में शामिल हैं। बायोकॉन की प्रमुख किरण मजूमदार शा ने हाल ही में संकेत किया कि सिंजेन इंटरनेशनल ने भी मानव शरीर में एंटीबॉडी की जांच के लिए स्वदेशी किट तैयार की है। आईसीएमआर की अनुमति के बाद सिंजेन की टेस्ट किट भी बाजार में आएगी। दूसरी तरफ ट्रांसएशिया की सहायक जर्मनी आधारित एर्बा मैनहेम को यूरोप और अमेरिका में एलीसा के आयात की अनुमति मिल चुकी है।
भारत को ही मिलेगा वैक्सीन बनाने का श्रेय
एनआईवी की वैज्ञानिक प्रिया अब्राहम ने बताया कि जब तक कारगर दवाई नहीं बन जाती या वैक्सीन (Vaccine) नहीं आ जाती है तब तक कोरोना से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का फायदा देश के कई राज्यों को हुआ है। दुनिया भर में किए जा रहे तमाम दावों के बीच अब्राहम ने उम्मीद जताई कि कोरोना रोधी वैक्सीन बनाने का श्रेय भारत को ही मिलेगा।
Published on:
17 May 2020 12:07 am
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