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मुंबई. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने आंकड़े जारी किए हैं। इसमें सबसे असुरक्षित पांच राज्यों में महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है जबकि उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। लक्षदीप महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित प्रदेश है। महिलाओं की हत्या के मामले में महाराष्ट्र को चौथा, गैंगरेप के मामले में तीसरा, आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में पहला, अपहरण के मामले में दूसरा, मानव तस्करी के मामले में पहला, जिस्मफरोशी के मामले में दूसरा और बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में पहला स्थान मिला है।
ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार देश भर में महिलाओं पर होने वाले अत्याचार में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 2017 के दौरान देश भर में महिलाओं के साथ अत्याचार के 3 करोड़ 59 लाख 849 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 2016 में 3 करोड़ 38 लाख 954 मामले दर्ज हुए थे। सरकार की तरफ से तमाम कोशिशें की जा रही हैं, बावजूद इसके महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उत्पीडऩ में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि 2015 से तुलना करें तो महिलाओं के खिलाफ अपराध में 2 प्रतिशत कमी आई है।
ज्यादातर बलात्कार के आरोपी जान-पहचान वाले
रिपोर्ट के अनुसार बलात्कार के 30,299 मामलों में से 3,155 में आरोपी पीडि़त के परिवार के सदस्य थे। बलात्कार के 16,591 मामले 'पारिवारिक मित्र', नौकरी देने वाले , पड़ोसी या अन्य ज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ थे। 10,553 मामलों में आरोपियों में दोस्त, ऑनलाइन दोस्त, लिव-इन पार्टनर या पीडि़त के पूर्व पति थे। बलात्कार के मामलों की अधिकतम संख्या एमपी (5,562) में दर्ज की गई, जिनमें से 97.5 प्रतिशत अपराध जानने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज कराया गए। इस मामले में राजस्थान 3,305 मामलों के साथ नंबर दो पर है जहां 87.9 प्रतिशत मामलों में बलात्कार का आरोप जानने वाले लोगों पर ही लगाए गए। महाराष्ट्र में 98.1 प्रतिशत बलात्कार के मामले दोस्तो, सहकर्मियों या रिश्तेदारों के खिलाफ दर्ज किए गए थे।
सबसे सुरक्षित लक्षद्वीप, सबसे खराब उत्तर प्रदेश
महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्यों में उत्तर प्रदेश को पहला स्थान मिला है। दूसरी तरफ लक्षदीप को सबसे सुरक्षित बताया गया है। महिलाओं की सबसे ज्यादा हत्याएं भी उत्तर प्रदेश में हुई हैं जबकि इस मामले में महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर है। उत्तर प्रदेश के बाद बिहार को दूसरा स्थान मिला है। लक्षद्वीप में महिला हत्या का एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया। गैंगरेप की शिकार महिलाएं भी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा हैं। दूसरे नंबर पर असम है। इस मामले में महाराष्ट्र तीसरे और मध्य प्रदेश चौथे स्थान पर है।
यूपी में सबसे ज्यादा अपहरण के मामले
महिलाओं के अपहरण के मामले में भी उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है, जहां 14,993 केस दर्ज किए गए। दूसरी तरफ इस तरह के 6,248 मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए जबकि 6,182 मामलों के साथ बिहार तीसरे स्थान पर रहा। महिलाओं की तस्करी के मामले में महाराष्ट्र पहले नंबर पर है। जिस्मफरोशी में महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है जबकि बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले (पोक्सो) में राज्य पहले स्थान पर है।
Published on:
22 Oct 2019 11:52 pm
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