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Coronavirus कफ़न का सौदा कर जारी किया डेथ सर्टिफिकेट

डेथ सर्टिफिकेट ( Death certificate ) जारी करने के लिए घंटों इंतजार, एंबुलेंस ड्राइवर ( Ambulance Driver ) ने मांगे पैसे संदेह के घेरे में पनवेल ( Panvel ) का सरकारी अस्पताल ( Government Hospital )उपचार के अभाव में बुजुर्ग महिला की मौत

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Coronavirus कफ़न का सौदा कर जारी किया डेथ सर्टिफिकेट

Coronavirus कफ़न का सौदा कर जारी किया डेथ सर्टिफिकेट

नागमणि पांडेय
मुंबई. कोरोना ( Coronavirus ) के खिलाफ जंग में डॉक्टर-नर्स ( Doctor Nurse ) और स्वास्थ्य कर्मी मरीजों की सेवा में दिन-रात एक किए हुए हैं। सरकारी अस्पतालों ( Government hospital ) में कहीं संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है तो कहीं कोविड-19 ( COVID -19 ) पीडि़तों का उपचार चल रहा है। सरकारी अस्पतालों में जहां सामान्य बीमारियों से ग्रसित लोगों को भर्ती नहीं किया जा रहा वहीं निजी अस्पताल बुजुर्ग मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं। नवी मुंबई ( Navi mumbai ) के खारघर ( Kharghar ) में एक बुजुर्ग महिला की बिना इलाज के ही मौत हो गई। इसके बाद पनवेल के सरकारी अस्पताल में डेथ सर्टिफिकेट जारी करने के लिए सौदेबाजी का मामला सामने आया है।
परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग महिला ने पांच दिन से खाना-पीना छोड़ दिया था। मां को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए बेटों ने काफी प्रयास किया। लेकिन, कहीं बेड नहीं खाली थी। प्राइवेट अस्पतालों ने बुजुर्ग होने के नाते महिला का उपचार नहीं किया। शनिवार को महिला की मौत हो गई। इसके बाद खारघर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने एक एंबुलेंस भेजी। सोन्या मारुति नामक एंबुलेंस ड्राइवर शव लेकर पनवेल मनपा अस्पताल पहुंचा।

पैसे दोगे तो मिलेगा सर्टिफिकेट

मृतका के उपचार की पूरी फाइल लेकर उनके बेटे डॉक्टर के पास पहुंचे। डेथ सर्टिफिकेट जारी करने का अनुरोध किया। लेकिकन, घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला। इसके बाद एंबुलेंस के ड्राइवर ने कहा कि बिना पैसे के सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। पैसे देंगे तो काम तुरंत होगा।

डॉक्टर ने पल्ला झाड़ा
एंबुलेंस ड्राइवर मारुति फाइल लेकर डॉक्टर के पास गया। कुछ ही समय में सर्टिफिकेट तैयार हो गया। मारुति ने इसके लिए 4 हजार रुपए मांगे। मृतका के बेटे ने आरोप लगाया कि पैसे डॉक्टर और एंबुलेंस ड्राइवर ने बांट लिए। डॉक्टर ने पैसे लेने से पल्ला झाड़ लिया। कहा कि एंबुलेंस ड्राइवर के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत की गई है।

मनपा का अस्पताल नहीं
पनवेल मनपा के उपायुक्त संजय शिंदे ने कहा कि जिस अस्पताल में पोस्टमार्टम होता है, वह पनवेल मनपा का नहीं है। पनवेल मनपा के अंतर्गत सिर्फ प्राथमिक आरोग्य केंद्र है। आप को सरकारी अस्पताल के डॉक्टर से बात करनी चाहिए।