
मुंबई मेयर चुनाव पर बढ़ा सस्पेंस (Photo-IANS)
Mumbai Mayor Election: मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव में बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने शानदार जीत दर्ज की है। 227 सीटों वाले सदन में इस गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिल चुका है, लेकिन मुंबई का मेयर कौन होगा? इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। वहीं बीजेपी-एकनाथ शिंदे गुट के अलावा विपक्ष भी अपनी तैयारी में जुट गया है। शिवसेना (UBT) ने भी कहा है कि उनका भी मेयर हो सकता है। शिंदे गुट के दावे से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती है, क्योंकि माना जा रहा था कि मुंबई में इस बार बीजेपी का मेयर हो सकता है।
बता दें कि इस चुनाव में बीजेपी को 89 सीटें मिली हैं, शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें, जबकि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 65 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। मौजूदा मेयर किशोरी पेडनेकर भी शिवसेना (UBT) से हैं और उन्होंने यह चुनाव जीत लिया है।
मेयर पद को लेकर जारी खींचतान के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। मातोश्री में नवनिर्वाचित पार्षदों को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि बीजेपी कागजों पर शिवसेना को खत्म करने का दावा कर सकती है, लेकिन जमीन पर ऐसा नहीं कर पाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने “विश्वासघात के जरिए” चुनाव जीता है और कहा, “बीजेपी मुंबई को गिरवी रखना चाहती है। मराठी मानूस इस गुनाह को माफ नहीं करेगा। शिवसेना (UBT) का मेयर बनना हमारा सपना है और ईश्वर की कृपा से यह जरूर होगा।”
वहीं उद्धव ठाकरे ने यह भी चेतावनी दी कि जो पार्षद एक बार दलबदल कर चुके हैं, वे दोबारा भी ऐसा कर सकते हैं। उनका दावा था कि शिंदे गुट से चुने गए कई पार्षद पहले शिवसेना (UBT) में थे और बीजेपी मेयर पद हासिल करने के लिए तोड़फोड़ कर सकती है।
इस बीच शनिवार को शिंदे गुट की शिवसेना ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक लग्जरी होटल में ठहराया, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई। पार्टी नेताओं ने इसे चुनाव के बाद “रिफ्रेशमेंट और ओरिएंटेशन” बताया।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने पार्षदों का अभिनंदन किया। पार्षद अमेय घोलें के मुताबिक, शिंदे उन्हें मुंबई के विकास, घोषणापत्र के अमल और अगले पांच साल के रोडमैप पर मार्गदर्शन देंगे।
शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि सत्ता साझेदारी के तहत वे पहले ढाई साल का मेयर पद मांगेंगे। उनका तर्क है कि बीजेपी अकेले मेयर बनाने की स्थिति में नहीं है, इसलिए पद साझा करना होगा। इसके साथ ही स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन समेत अहम समितियों में आनुपातिक हिस्सेदारी की भी मांग की गई है।
Published on:
18 Jan 2026 02:53 pm
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