28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विश्व प्रसिद्द पर्वतारोही अरुण सावंत की मौत,चोटियों पर रैपलिंग करते हुए घटी घटना

अहमदनगर में हरिश्चंद्र पर्वत ( Harishchandra Mountain ) की श्रृंखला में कोकण ( Kokan ) कड़ा की चोटियों पर रैपलिंग ( Rappelling ) करते हुए प्रसिद्द पर्वतारोही अरुण सावंत ( Arun Sawant ) की मौत ( Death ) हो गई है। जबकि उनके साथ फंसे 29 लोगों को सुरक्षित ( Safe) बचा लिया गया है।

2 min read
Google source verification
विश्व प्रसिद्द पर्वतारोही अरुण सावंत की मौत,चोटियों पर रैपलिंग करते हुए घटी घटना

विश्व प्रसिद्द पर्वतारोही अरुण सावंत की मौत,चोटियों पर रैपलिंग करते हुए घटी घटना

मुंबई.अहमदनगर में हरिश्चंद्र पर्वत की श्रृंखला में कोकण कड़ा की चोटियों पर रैपलिंग करते हुए प्रसिद्द पर्वतारोही अरुण सावंत की मौत हो गई है। जबकि उनके साथ फंसे 29 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

शनिवार को अचानक संपर्क टूटने से लापता हुए सावंत की लाश रविवार को स्थानीय लोगों की सहायता से मिली, जबकि कड़ा के दरार में फंसे 5 लोगों को भी सुरक्षित स्थान पर लाया गया। अरुण सावंत प्रसिद्द पर्वतारोही हैं।उनके नेतृत्व में 30 लोगों की टीम उक्त पर्वत की चोटियों को छूने निकली थी। यह संयोग ही है कि कोकण कड़ा की चोटी पर झंडा गाड़ने वाले सावंत पहले व्यक्ति थे। पिछले 45 वर्षों से वे ट्रैकिंग कर रहे थे।

हरिश्चंद्र पर्वत की श्रृंखला में कोकण कड़ा छोटी से माकड नाल छोटी तक बीच रैपलिंग शुरू थी, वह कोकण कड़ा से उतर कर माकड नाल की तरफ जा रहे थे। उतरते समय पहले चरण में सभी लोग सफल हुए , दूसरे चरण में 25 लोग ठिकाने पर पहुंच गए थे , जबकि सावंत ने अन्य चार को भी एक दरार के पास उतार दिया , सबसे अंत में सावंत ही उतर रहे थे। कोकण कड़ा की उचाई 1800 फुट है, यह घटना एक हजार फुट की उचाई पर हुई है। सावंत से संपर्क टूटने पर उनकी खोजबीन शुरू हुई। शनिवार शाम को उनसे संपर्क टूटा है। स्थानीय लोगों की सहायता से जारी तलाश में उनकी लाश मिली है। रस्सी के माध्यम से दरार में फंसे लोगों को भी बाहर निकाला गया है

कौन है अरुण सावंत

वर्ष 1957 में जन्मे अरुण सावंत 20 वर्ष की आयु में एमटीएनएल में नौकरी पर लगे पर्वतारोही बनाने की उनकी इच्छा और प्रबल होते गई , बचपन से ही खेल में रूचि रखने वाले सावंत ने आखिरकार कोकण कड़ा की चोटी पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति थे। और उन्होंने ही संधान घाटी की खोज की। पर्वतों में खूबसूरती तलाश रहे सावंत विश्व स्तर के पर्वातारोही बन चुके थे।