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दीवान और मुंशी ने थाने से बेची थी जहरीली स्पिरिट

पत्रिका एक्सक्लूसिव कुशीनगर शराब कांड : स्पिरिट से बनी शराब ने ली थी 28 की जान

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मुंबई

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arun Kumar

Feb 18, 2019

Diwan and Munshi sold poisonous spirits from police station

Diwan and Munshi sold poisonous spirits from police station

पुलिस को बचाने के लिए बेगुनाहों को फंसाने में जुटा प्रशासन

नागमणि पांडेय

मुंबई

हाल ही में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में मौनी अमावस्या के दिन नारायणी नदी पर मेले में कच्ची शराब पीने से 28 लोगों की मौत हो गई थी। यह शराब तरेया सुजान थाने मेंं रखी एक साल पुरानी जहरीली स्पिरिट से बनाई गई थी। इसे थाने के दीवान और मुंशी ने थानेदार विनय पाठक के अवकाश पर जाते ही बेची थी। इसी स्पिरिट से एक ईंट भ_े पर शराब बनाई गई और आमजन को सस्ते में बेची गई। विपक्षी पार्टी के एक विधायक ने मेले में शराब बांटी थी। नाम न छापने की शर्त पर इसी जहरीली शराब से जुड़े एक व्यक्ति ने पत्रिका को बताया कि शराब माफिया थाने से लाखों रुपयों का कारोबार करते हैं। सारा खेल थानेदार की सहमति से होता है। इसके लिए बाकायदा थानेदार को हर महीने लाखों रुपए देकर खुश किया जाता है। इतनी मौतों के बाद भी प्रशासन पुलिस को बचाने में लगा है। हाल ही में शराब बेचने के मामले में थानेदार की स्थानीय लोगों ने पिटाई भी की थी। थानेदार को शराब कांड में निलंबित भी कया गया है।

थानेदार की गैरहाजिरी में बेची गई थी स्पिरिट

सूत्र ने बताया कि कुशीनगर के तरेया सुजान पुलिस थाना उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमा से लगा है। यहां अक्सर स्पिरिट की तस्करी की जाती है। थानेदार विनय पाठक के निर्देश पर पिछले डेढ़ साल में हजारों लीटर स्पिरिट पकड़ी गई है, जो मौका देखकर बेच दी जाती है। 1 फरवरी से 4 फरवरी तक विनय पाठक अवकाश पर थे। तभी थाने के दीवान और मुंशी ने जब्त जहरीली स्पिरिट शराब माफिया को बेच दी। स्थानीय लोगों ने पत्रिका को बताया कि अक्सर पुलिसवाले स्थानीय लोगों पर स्पिरिट से बनी शराब बेचने का दबाव बनाते हैं।

हरियाणा और इंदौर से टैंकर में लाई जाती है स्पिरिट

जानकारी के अनुसार हरियाणा और इंदौर से पेट्रोल और डीजल टैंकर में स्पिरिट लाई जाती थी। टैंकर तरेया सुजान थाना क्षेत्र में ही खाली किया जाता था और वहीं शराब बनाई जाती थी, जिसे बिहार तक सप्लाई किया जाता है। शराब कांड में पहली गिरफ्तारी हरेंदर यादव की राजस्थान के भीलवाड़ा से की गई है। हरेंदर मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट का रहने वाला है। बिहार में शराब बंदी के बाद इसने कुशीनगर में अपना डेरा जमाया। कुछ दिन बाद कुशीनगर के तमकुही के शराब माफिया दीपक यादव ने इसके साथ मिलकर स्पिरिट से बनी हजारों लीटर शराब बेच डाली।

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शराब बेचने वालो की पहचान हो गई है जिसमे से एक को गिरफ्तार किया गया है। दोषी लोगो को बख्शा नहीं जाएगा। दोषी थानेदार विनय पाठक, एक एसआई और दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

- राजीव नारायण मिश्र, पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर

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