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क्या आपको भी चाहिए मोक्ष तो करें ऐसा, पवई में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब ?

भागवत कथामृत ( Bhagwat Kathamrit ) श्रवण करने मात्र से मोक्ष ( Salvation ) की प्राप्ति होती है, पवई ( Powai ) में श्रीमद्भागवत कलश यात्रा ( Shrimad Bhagwat Kalash Yatra ) में भक्तों ( Devotees ) का उमड़ा हुजूम, बड़ी संख्या में भक्तगण कथा का कर रहे रसपान ( Raspana ), व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं होने के नाते कोई लाभ नहीं मिलता

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क्या आपको भी चाहिए मोक्ष तो करें ऐसा, पवई में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब ?

क्या आपको भी चाहिए मोक्ष तो करें ऐसा, पवई में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब ?

मुंबई. पवई विकास सेवा समिति के तत्वाधान मानव सुख-शांति के उद्देश्य से श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है। साकीविहार रोड स्थित तुंगा गांव के शिवशक्ति नगर के शांति कम्प्लेक्स में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में बताया गया कि भागवत कथा अमृत सामान है, इसलिए इसके श्रवण करने मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। आयोजित कार्यक्रम में वृंदावन से पधारे पूज्य गुरु राघवेंद्र जी महाराज ने कहा की श्रीमदभागवत कथा मनुष्य के जीवन में सुखों का संचय करने वाली होती है। पूरे मनोयोग के साथ कथा श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन हो सकते हैं। इसमें तमाम ऐसी कथाएं हैं, जो हमें प्रेरणा देती हैं और कलयुग में जीवन को कलात्मक ढंग से जीने का मार्ग भी प्रशस्त करती हैं। मानव जन्म पाकर मनुष्य अमृत पी ले और उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं हो तो उस अमृत पीने का कोई लाभ नहीं। राहु ने भी अमृत पिया और अमर हो गए, लेकिन उसके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं होने के नाते उसे कोई लाभ नहीं मिला। वहीं धुंधकारी जैसे पापी भी कथामृत श्रवण करने मात्र से मोक्ष को प्राप्त किए। बहरहाल, समिति के मार्ग दर्शक अशोक माटेकर, नरेंद्र उपाध्याय, इन्द्रकांत शुक्ला व चंद्रकांत मिश्र के संयोजन में बड़ी संख्या में भक्तगण कथा का रसपान कर रहे हैं।

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संगीतमयी श्रीमद भागवत कथा का आयोजन

कई लोग दे रहे विशेष सहयोग...
उल्लेखनीय है कि भागवत कथा अमृत सामान है तभी मोक्ष प्राप्ति के लिए राजा परीक्षित अपने जीवन के अंतिम सात दिन कथामृत श्रवण कर बिताया और पुण्य के भागी बने और उन्हें भी मोक्ष मिला। कथा के विभिन्न प्रसंगों पर संगीत के साथ महिमा का व्याख्यान महाराज महाराज जी की ओर से किया जा रहा है । वहीं कथा के उपरांत कृष्ण लीला झांकी निकाली जा रही है। संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र उपाध्याय, कार्य अध्यक्ष इंद्रमणि शुक्ला, उपाध्यक्ष, प्रभाकर मिश्रा, मनोज राय, विनोद राजभर, सुधीर सिंह वीरेंद्र उपाध्याय, प्रमुख सलाहकार, चंद्रकांत मिश्रा, रूप नारायण तिवारी, नीरज भारद्वाज, राजू पाल, विजय प्रसाद, नरेश कुशवाहा, राजकुमार यादव, विलास मौर्या समेत अन्य अपना विशेष सहयोग दे रहे हैं।

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