30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मां मैं सीए बन गया… सड़क पर सब्जी बेच रही मां से बोला बेटा, गले लिपटकर खूब रोई, इमोशनल कर देगा वीडियो

बेटे के सीए परीक्षा पास करने की खबर मिलने पर सड़क पर सब्ज़ी बेचने वाली मां इमोशनल होकर रोने लगी। इसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Jul 15, 2024

mother and CA son video

Dombivli CA Viral Video: मुंबई के पास डोंबिवली शहर में सड़क किनारे सब्जी बेचने वाली एक मां उस समय खुशी से रो पड़ी जब उसके बेटे ने कड़ी मेहनत और सभी चुनौतियों को पार करते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की परीक्षा क्रैक की। जैसे ही योगेश ठोंबरे (Yogesh Thombare) ने सीए परीक्षा पास होने की खबर सड़क पर सब्ज़ी बेच रही अपनी मां को बताई वह बेहद इमोशनल हो गयीं। उन्होंने तुरंत अपने बेटे को गले से लगा लिया और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलकने लगे।

डिप्टी सीएम बोले- 'प्रेरणादायक'

इस इमोशनल पल को योगेश के दोस्तों ने अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो अब तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस वीडियो पर कमेंट किया है, "प्रेरणादायक! प्रशंसनीय!" यहां तक ​​कि जिस स्थान पर योगेश की मां सब्जी बेचती हैं, वहां भी बड़ी संख्या में लोग उन्हें बधाई देते नजर आ रहे हैं।

यह भी पढ़े-VIDEO: मुंबई लोकल ट्रेन में युवक ने किया खतरनाक स्टंट, रेलवे ने दिया केस दर्ज करने का आदेश

दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत से पाया मुकाम

दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और कुछ कर दिखाने के साहस के दम पर योगेश ने अपनी मां के कष्ट को सफल बना दिया है। मराठी माध्यम से पढ़ाई करने वाले योगेश ठोंबरे डोंबिवली शहर के करीब खोनी गांव में परिवार के साथ रहते हैं। योगेश की मां नीरा ठोंबरे डोंबिवली पूर्व के गांधीनगर इलाके में सड़क किनारे सब्जी बेचती हैं। लोग उन्हें ठोंबरे मावशीं के नाम से जानते है, क्योंकि वह पिछले 22 से 25 सालों से उसी जगह पर सब्जियां बेच रहीं हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनके पास सब्जी का कारोबार शुरू करने के लिए पैसे भी नहीं थे। उस समय उन्होंने दो सौ रुपये उधार लेकर व्यवसाय शुरू किया था।

आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने के बावजूद नीरा ने अपने बच्चों को अच्छी परवरिश दी और उन्हें पढ़ाया लिखाया। पति की मृत्यु के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। हालाँकि, कठिन परिस्थिति में भी उन्होंने हार नहीं मानी और बच्चे की अच्छी शिक्षा के लिए पूरी ताकत लगाई। पति की मौत के बाद परिवार वालों ने भी ठोंबरे मावशीं का साथ नहीं दिया। लेकिन उन्होंने बच्चों को कामयाब बनाने की जिद्द नहीं छोड़ी। उन्होंने दो लड़कों और एक लड़की की देखभाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और सब्जी बेचकर अपना परिवार संभाला।

Story Loader

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग