
राजमल लखीचंद ज्वैलर्स पर ED की छापेमारी
ED Raid on Rajmal Lakhichand Jewelers: महाराष्ट्र के जलगांव में राजमल लखीचंद ज्वैलर्स पर हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने एक करोड़ रुपये की नकदी और 39 किलो सोने और हीरे के आभूषण जब्त किए। इन गहनों की कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है। राजमल लखीचंद ज्वैलर्स महाराष्ट्र एनसीपी के 15 वर्षों तक कोषाध्यक्ष (Treasurer) रहे ईश्वरलाल जैन (Ishwarlal Jain) का है। पूर्व एनसीपी सांसद जैन को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संस्थापक शरद पवार का करीबी माना जाता है।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि ईश्वरलाल जैन की संपत्ति के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के पीछे की वजह राजनीतिक दबाव है। दरअसल जैन जलगांव शहर से एनसीपी के पूर्व सांसद और पार्टी कोषाध्यक्ष थे। इसलिए ईडी की इस कार्रवाई को शरद पवार और अजित पवार के बीच राजनीतिक विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। यह भी पढ़े-ED की रडार पर शरद पवार के वफादार! राजमल लखीचंद ज्वैलर्स समेत कई कंपनियों पर छापेमारी
हालाँकि, इन सबके बीच एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। जब ईडी के अधिकारियों ने राजमल लखीचंद ज्वैलर्स पर छापा मारा तो वहां भारी मात्रा में सोने का भंडार होने का अंदेशा था। हालांकि, खबर है कि ईडी की इस कार्रवाई में सिर्फ 40 किलो सोना ही बरामद हुआ। ईडी ने ईश्वरलाल जैन की संपत्ति का ब्यौरा जांचा था। जांच एजेंसी को शक है कि उनकी तीन ज्वैलरी कंपनियों से फर्जी लेनदेन के नाम पर पैसे की हेराफेरी की जा रही है।
दिसंबर महीने में सीबीआई ने राजमल लखीचंद ज्वैलर्स, आर.एल. गोल्ड और मनराज ज्वैलर्स और उनके प्रमोटर ईश्वरलाल जैन, मनीष जैन और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि आरोपियों ने स्टेट बैंक से 353 करोड़ रुपये का लोन लिया, लेकिन किश्तें नहीं चुकाईं। सीबीआई द्वारा दर्ज इस अपराध के आधार पर ईडी ने ईश्वरलाल जैन के खिलाफ वित्तीय हेराफेरी का मामला दर्ज किया।
छापेमारी में मिला सिर्फ 40 किलो सोना!
रिपोर्ट्स के अनुसार, जब ईडी ने राजमल लखीचंद ज्वैलर्स पर छापा मारा तो उन्हें वहां सोने का बड़ा स्टॉक नहीं मिला। बैंक से लोन लेते समय लखीचंद ज्वैलर्स की ओर से बताया गया था कि उनके पास 1284 किलो सोने के आभूषण हैं। हालांकि, ईडी को वहां सिर्फ 40 किलो सोने के आभूषण ही मिले।
इसलिए फर्जी खरीद लेनदेन दिखाकर बैंक से लिए गए 353 करोड़ रुपये के लोन की हेरफेरी की संभावना है। राजमल लखीचंद ज्वैलर्स, आर.एल. गोल्ड और मनराज ज्वैलर्स कंपनियों के प्रमोटर इस बारे में कोई दस्तावेज जमा नहीं कर पाए हैं कि बैंक से लिया गया लोन वास्तव में कहां लगाया गया। इसलिए आने वाले समय में ईश्वरलाल जैन की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।
शरद पवार गुट के साथ हैं ईश्वरलाल
एनसीपी में फूट के बाद भी पूर्व सांसद ईश्वरलाल जैन ने शरद पवार का समर्थन किया। जबकि उनके बेटे व पूर्व विधान परिषद विधायक मनीष जैन ने शरद पवार का साथ छोड़ दिया और अजित पवार के साथ खड़े हो गये। ईश्वरलाल जैन लंबे समय तक एनसीपी के पूरे प्रदेश के कोषाध्यक्ष रहे।
ईश्वरलाल जैन जलगांव से हैं और उत्तरी महाराष्ट्र के शक्तिशाली राजनेताओं में गिने जाते हैं। वह पहले कांग्रेस में थे। लेकिन 1999 में पवार द्वारा एनसीपी की स्थापना के बाद वह एनसीपी में शामिल हो गए। 2010 में जैन राज्यसभा के लिए चुने गए, जबकि उनके बेटे मनीष विधान परिषद के स्वतंत्र सदस्य थे।
Published on:
20 Aug 2023 09:27 pm

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